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Jabalpur News: बैंक ने खाते से रुपये काटे, जिला उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में कमी

Thu, 28 Nov 2024 03:28 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 28 Nov 2024 03:28 PM IST
सार

जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि बैंक ने अपने स्तर पर राशि काटी और ग्राहक को गलत जानकारी दी। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने बैंक को रुपये वापस करने के निर्देश दिए। 

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SBI deducted inappropriate amount from account
जबलपुर हाईकोर्ट। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा खाते से अनुचित राशि काटे जाने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित के पक्ष में आदेश जारी किए हैं। आयोग ने बैंक को निर्देश दिया है कि वह अनुचित तरीके से काटी गई राशि को दो महीने के भीतर उपभोक्ता को लौटाए। साथ ही, मानसिक पीड़ा के एवज में 2,000 रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 2,000 रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का आदेश भी दिया गया है।

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जानकारी के अनुसार, ओल्ड कंचनपुर निवासी परिवादी निशांत ताम्रकार ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उन्होंने बजाज फाइनेंस के माध्यम से वाशिंग मशीन खरीदी थी। इसकी किस्त राशि उनके बैंक खाते से काटी जानी थी। परिवादी का आरोप था कि खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के बाद भी बैंक ने किस्त की कटौती नहीं की। इसके बजाय, बैंक ने खाते से अनुचित तरीके से 295 रुपये काट लिए। परिवादी ने बैंक से इस बारे में जानकारी ली तो बैंक ने बताया कि यह राशि फाइनेंस कंपनी ने काटी है। दूसरी ओर, फाइनेंस कंपनी का कहना था कि यह कटौती बैंक द्वारा की गई है। बैंक और फाइनेंस कंपनी के परस्पर विरोधी बयानों के कारण परिवादी ने मामला उपभोक्ता आयोग में दायर किया।
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आयोग का आदेश
आयोग की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि बैंक ने अपने स्तर पर राशि काटी और ग्राहक को गलत जानकारी दी। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने एसबीआई की पनागर शाखा को निर्देश दिया कि अनुचित तरीके से काटी गई राशि, मानसिक पीड़ा के एवज में 2,000 रुपये, और मुकदमे के खर्च के 2,000 रुपये आवेदक को लौटाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता रोहित पैगवार ने पैरवी की।

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