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Court: च्वाइस के अनुरूप याचिकाकर्ता आरक्षकों को प्रदान करें पदस्थापना, सशस्त्र बल में पदस्थापना का आदेश निरस्त
Sat, 21 Dec 2024 10:28 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2024 10:28 PM IST
सार
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने इस निर्देश के साथ शासन के उन आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को विशेष सशस्त्र बल में पदस्थापना दी गई थी।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरक्षक भर्ती 2016 के मामले में विशेष सशस्त्र बल में अनारक्षित वर्ग में पदस्थ याचिकाकर्ताओं को उनकी च्वाइस के अनुरूप आरक्षित वर्ग जिला पुलिस बल में पदस्थ किये जाने के आदेश जारी किये हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने इस निर्देश के साथ शासन के उन आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को विशेष सशस्त्र बल में पदस्थापना दी गई थी।
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जबलपुर निवासी रामराज पटेल, भोपाल निवासी गजेन्द्र पंवार और धार निवासी आकाश परमार की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि वह ओबीसी वर्ग के हैं। भर्ती परीक्षा में अधिक अंक होने के कारण उन्हें अनारक्षित वर्ग में परिवर्तन करके एसएएफ में पोस्टिंग दे दी है। याचिकाकर्ताओं से कम अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित वर्ग के अनेक अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में ही जिला पुलिस बल में पोस्टिंग प्रदान की गयी है।
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याचिका में कहा गया था कि च्वाइस के लिए उन्हें पदस्थापना प्रदान नहीं की गयी है। जो नियम विरूध्द तथा समानता के सिद्धांत के विरुद्ध है। याचिका में राहत चाही गयी थी कि उन्हें च्वाइस के अनुसार जिला पुलिस बल में नियुक्ति प्रदान की जाये।
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युगलपीठ ने अपने आदेश में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के अनारक्षित वर्ग की सूची में रखकर च्वाईस अनुसार पदस्थापना प्रदान नहीं दिये जाने के असंवैधानिक करार दिया है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को राहत प्रदान करते हुए च्वाइस अनुसार पदस्थापना प्रदान करने के आदेश जारी किये है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, ने पैरवी की।
