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MP News: छात्राओं के लिए स्कूलों में हो पृथक टॉयलेट व सैनेटरी पैड की व्यवस्था, केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस
Mon, 28 Nov 2022 08:52 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 28 Nov 2022 08:52 PM IST
सार
याचिकाकर्ता जया ठाकुर की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि दुनिया भर में प्रतिवर्ष आठ लाख महिलाओं की मौत माहवारी के वजह से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। प्रतिवर्ष 23 मिलियन छात्राएं स्टुअल हाइजीन व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल छोड़ने को विवश हैं।
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- फोटो : istock
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विस्तार
स्कूलों में छात्राओं के लिए पृथक टॉयलेट व सैनेटरी पैड की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस वाई वी चंद्रचूड तथा जस्टिस पी श्री नरसिम्हा की युगलपीठ ने केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि याचिकाकर्ता जया ठाकुर की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि दुनिया भर में प्रतिवर्ष आठ लाख महिलाओं की मौत माहवारी के वजह से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। प्रतिवर्ष 23 मिलियन छात्राएं स्टुअल हाइजीन व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल छोड़ने को विवश हैं।
याचिका में मांग की गई है कि स्कूलों में छात्राओं के लिए पृथक टॉयलेट व सैनेटरी पैड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्कूलों के टॉयलेट साफ सुथरा रखने के लिए स्पेशल क्लीनर की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा सरकारें त्रिस्तरीय जागरूकता अभियान चलाकर स्टुअल हेल्थ के बारे में जानकारी प्रदान करें।
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बता दें कि याचिकाकर्ता जया ठाकुर की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि दुनिया भर में प्रतिवर्ष आठ लाख महिलाओं की मौत माहवारी के वजह से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। प्रतिवर्ष 23 मिलियन छात्राएं स्टुअल हाइजीन व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल छोड़ने को विवश हैं।
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याचिका में मांग की गई है कि स्कूलों में छात्राओं के लिए पृथक टॉयलेट व सैनेटरी पैड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्कूलों के टॉयलेट साफ सुथरा रखने के लिए स्पेशल क्लीनर की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा सरकारें त्रिस्तरीय जागरूकता अभियान चलाकर स्टुअल हेल्थ के बारे में जानकारी प्रदान करें।
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