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MP High Court: धार्मिक स्थलों पर लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति नहीं, कोर्ट ने इन्हें अवमानना नोटिस जारी की
Thu, 29 Aug 2024 10:22 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 10:22 PM IST
सार
धार्मिक स्थलों पर लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने नकार दिया है। साथ ही संभागायुक्त इंदौर तथा कलेक्टर खंडवा को अवमानना नोटिस जारी किया है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी संभागायुक्त इंदौर तथा कलेक्टर खंडवा ने धार्मिक स्थलों में लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति संबंधित आवेदन का निराकरण निर्धारित समय सीमा पर नहीं किया। हाईकोर्ट के आदेश का परिपालन नहीं करने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस डीडी बसंल ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किए हैं।
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खंडवा निवासी लव जोशी तथा शेख जावेद की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार्मिक स्थल से लाउड स्पीकर हटाए जाने के आदेश जारी किए थे। खंडवा में जिला प्रशासन ने धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटाने के संबंध में जनवरी 2024 में सार्वजनिक बैठक आयोजित की थी। बैठक में कहा गया था, कोलाहल एक्ट की धारा-7 के तहत धार्मिक स्थलों में निर्धारित ध्वनि में लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति के लिए जिला कलेक्टर के समक्ष आवेदन पेश करें।
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याचिकाकर्ताओं की तरफ से एक्ट में दिए गए प्रावधान के तहत जिला कलेक्टर खंडवा तथा संभागायुक्त इंदौर के समक्ष आवेदन पेश किया। आवेदन पर उनके द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 11 मई को आदेश जारी किया था कि 30 दिनों की निर्धारित समय अवधि में आवेदन का निराकरण किया जाए।
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निर्धारित समय अवधि के बाद भी दोनों अधिकारियों ने आवेदन का निराकरण नहीं किया, जिसके कारण उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने दोनों अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 14 सितम्बर को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने पैरवी की।
