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Jabalpur News: अब कक्षा पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी की ही किताबें होंगी मान्य, 2025 से लागू

Tue, 10 Sep 2024 07:39 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 10 Sep 2024 07:39 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के जबलपुर कलेक्टर बोले, स्कूल प्रबंधन यदि किताबों को बदलना चाहते हैं तो शिक्षा विभाग को उन्हें इसका औचित्य बताना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 

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NCERT books will be used from class 1 to 8 in CBSE schools
कलेक्टर दीपक सक्सेना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर शहर में संचालित सीबीएसई स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा एक से आठ तक यथा संभव एनसीईआरटी की पुस्तक का उपयोग करने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। स्कूल औचित्यपूर्ण कारणों से निजी प्रकाशकों की पुस्तक का उपयोग कर सकते हैं। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का मूल्य एनसीईआरटी पुस्तकों के मूल्य से अधिकतम 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।

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जिला कलेक्टर व शिक्षा जिला समिति के अध्यक्ष दीपक सक्सेना की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा निजी विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों का उपयोग के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में जिले में संचालित सीबीएसई स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा एक से आठ तक यथा संभव एनसीईआरटी की पुस्तक का उपयोग करने आदेश जारी किए हैं। स्कूल औचित्यपूर्ण कारणों से निजी प्रकाशकों की पुस्तक का उपयोग कर सकते हैं।
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एनसीईआरटी की पुस्तक उपलब्ध नहीं होना औचित्यपूर्ण कारण नहीं माना जाएगा। समस्त स्कूलों को अपनी वेबसाइट में एक अक्तूबर तक सभी कक्षाओं के लिए निर्धारित पुस्तक की सूची अपलोड करना आवश्यक है। किसी अन्य पुस्तक के उपयोग किए जाना निर्धारित किया जाता है तो स्कूल प्रबंधन तथा प्राचार्य को संयुक्त हस्ताक्षर के साथ औचित्यपूर्ण कारणों का उल्लेख करते हुए घोषणा-पत्र शिक्षा जिला समिति को उपलब्ध कराना होगा।
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नियत तिथि तक जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई जाती है तो माना जाएगा कि स्कूल प्रबंधन एनसीईआरटी की पुस्तक का उपयोग कर रहा है। भविष्य में जांच के दौरान दूसरी पुस्तकों का उपयोग पाया गया तो स्कूल प्रबंधन की मान्यता रद्द निरस्त करने के साथ कठोर कार्यवाही की जाएगी। विशेष परिस्थितियों में ही स्कूल प्रबंधन निजी प्रकाशकों की पुस्तक का उपयोग कर सकते हैं। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का मूल्य एनसीईआरटी पुस्तकों के मूल्य से अधिकतम 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। स्कूल द्वारा प्रदर्शित पुस्तक सूची के आधार पर फरवरी-मार्च महीने में पुस्तक मेला आयोजन किया जाएगा।

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