जबलपुर: हत्या केस में हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को किया बरी, मुख्य आरोपी की सजा घटाकर 10 साल की
जबलपुर के ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में राहुल वर्मन की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने मुख्य आरोपी सत्यम बर्मन की आजीवन कारावास की सजा घटाकर धारा 304 के तहत 10 साल कर दी।
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जबलपुर जिला न्यायालय द्वारा हत्या के मामले में सुनाई गई सजा के खिलाफ चार आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान तीन अपीलकर्ताओं को दोषमुक्त कर दिया, जबकि मुख्य आरोपी की आजीवन कारावास की सजा को घटाकर 10 साल कर दिया।
जबलपुर जिले के ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में राहुल वर्मन की हत्या के मामले में फरवरी 2026 में जिला न्यायालय ने मुख्य आरोपी सत्यम बर्मन सहित दीपक यादव, विनोद उर्फ इंका बर्मन और नरबद बर्मन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ चारों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
अभियोजन के अनुसार, गाली-गलौज की बात को लेकर राहुल वर्मन और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर सत्यम बर्मन, दीपक यादव, विनोद उर्फ इंका बर्मन और नरबद बर्मन ने राहुल के साथ मारपीट की। इसी दौरान सत्यम बर्मन ने कथित तौर पर चाकू से राहुल की गर्दन के पास वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल राहुल को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
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हाईकोर्ट की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट के अनुसार, गर्दन के पास चाकू से किए गए वार से आई गंभीर चोट मृत्यु का कारण बनी थी। कोर्ट ने यह भी पाया कि घटना अचानक हुए विवाद के दौरान हुई थी।
युगलपीठ ने दीपक यादव, विनोद उर्फ इंका बर्मन और नरबद बर्मन के खिलाफ कोई विशिष्ट आपराधिक कृत्य साबित नहीं होने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया। वहीं, मुख्य आरोपी सत्यम बर्मन की आजीवन कारावास की सजा को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत घटाकर 10 साल कर दिया।
