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MP News: हाईकोर्ट के आदेश पर IAS दीपक आर्य के खिलाफ जांच प्रारंभ, पूर्व विधायक ने लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप

Thu, 16 Mar 2023 07:21 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 16 Mar 2023 07:21 PM IST
सार

पूर्व विधायक किशोर समरीते ने बालाघाट जिले के तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य पर कस्टम मिलिंग व चावल के अवैध कारोबारियों, कान्हा स्थित रिसोर्ट संचालकों, रेत ठेकेदारों, कंस्ट्रक्शन कंपनी से रिश्वत के रूप में महंगे गिफ्ट खुद व परिजनों के नाम पर लेने का आरोप लगाया था। 

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MP News: Investigation started against IAS Deepak Arya on the order of the High Court
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सागर के कलेक्टर दीपक आर्य के खिलाफ उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच प्रारंभ कर दी है। पूर्व विधायक किशोर समरीते ने आईएएस दीपक आर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आरोपों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के आदेश सरकार को दिए थे।
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गौरतलब है कि पूर्व विधायक किशोर समरीते ने बालाघाट जिले के तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य पर कस्टम मिलिंग व चावल के अवैध कारोबारियों, कान्हा स्थित रिसोर्ट संचालकों, रेत ठेकेदारों, कंस्ट्रक्शन कंपनी से रिश्वत के रूप में महंगे गिफ्ट खुद व परिजनों के नाम पर लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने केन्द्र सरकार से शिकायत की थी। केन्द्र सरकार ने शिकायत पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया था। राज्य सरकार ने जांच बालाघाट कलेक्टर को सौंप दी थी। तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य ने खुद पर लगे आरोपों की स्वयं जांच करते हुए क्लीन चिट प्रदान कर दी थी। तत्कालीन कलेक्टर द्वारा खुद की जांच किए जाने के खिलाफ पूर्व विधायक ने केन्द्र सरकार से शिकायत की थी। केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 
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हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं माना
हाईकोर्ट ने जनवरी 2022 को अपने आदेश में कहा था कि नियमानुसार जिस अधिकारी पर आरोप लगे हैं, उसकी जांच वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए शिकायत की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के आदेश जारी किए थे। शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी पर तथा गलत पाए जाने पर याचिकाकर्ता के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई के आदेश भी हाईकोर्ट ने पारित किए थे।
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हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित नहीं किए जाने के कारण पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 28 फरवरी 2023 को सामान्य प्रशासन विभाग तथा राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके बाद सरकार ने आरोपों की जांच के लिए संभागायुक्त जबलपुर बी चंद्रशेखर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। पूर्व विधायक किशोर समरिते ने बताया कि कमेटी ने गत दिवस उनके बयान दर्ज किए हैं।
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