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MP News: प्रावधान के बावजूद नहीं लगाते हेलमेट, हाईकोर्ट ने गृह-परिवहन सचिव से मांगा जवाब
Fri, 23 Sep 2022 09:27 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 23 Sep 2022 09:27 PM IST
सार
याचिका में कहा गया था कि दुर्घटना के समय दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाए होते तो उनकी मौत नहीं होती। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से सिर में चोट आने के कारण दो पहिया वाहन सवारों की मौत होती है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हेलमेट नहीं लगाने के कारण सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि मोटर व्हीकल एक्ट में हेलमेट लगाकर दो पहिया वाहन चलाने का प्रावधान है, जिसका सख्ती से पालन नहीं किया जाता है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए गृह व परिवहन सचिव से हलफनामे में जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
बता दें कि विधि छात्रा ऐश्वर्या शांडिल्य की तरफ से सड़क दुर्घटना में हुई दो व्यक्तियों की मौत का हवाला देते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस के निर्देश पर उक्त याचिका सुनवाई के लिए मुख्यपीठ में स्थानांतरित की गई थी। याचिका में कहा गया था कि दुर्घटना के समय दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाए होते तो उनकी मौत नहीं होती। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से सिर में चोट आने के कारण दो पहिया वाहन सवारों की मौत होती है।
याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट ने दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिर्वायता के संबंध में आदेश जारी किए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में भी हेलमेट लगाकर वाहन चलाने का प्रावधान है। जिसका प्रदेश में पालन नहीं किया जाता है। हेलमेट की अनिर्वायता का सख्ती से पालन किया जाए तो सड़क दुर्घटना में मौतों के ग्राफ में कमी आएगी। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि सड़क पर कोई भी दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाकर नहीं चलता है। युगलपीठ ने गृह व परिवहन सचिव से हलफनामे में जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अवधेष सिंह तोमर ने पैरवी की।
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बता दें कि विधि छात्रा ऐश्वर्या शांडिल्य की तरफ से सड़क दुर्घटना में हुई दो व्यक्तियों की मौत का हवाला देते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस के निर्देश पर उक्त याचिका सुनवाई के लिए मुख्यपीठ में स्थानांतरित की गई थी। याचिका में कहा गया था कि दुर्घटना के समय दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाए होते तो उनकी मौत नहीं होती। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से सिर में चोट आने के कारण दो पहिया वाहन सवारों की मौत होती है।
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याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट ने दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिर्वायता के संबंध में आदेश जारी किए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में भी हेलमेट लगाकर वाहन चलाने का प्रावधान है। जिसका प्रदेश में पालन नहीं किया जाता है। हेलमेट की अनिर्वायता का सख्ती से पालन किया जाए तो सड़क दुर्घटना में मौतों के ग्राफ में कमी आएगी। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि सड़क पर कोई भी दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाकर नहीं चलता है। युगलपीठ ने गृह व परिवहन सचिव से हलफनामे में जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अवधेष सिंह तोमर ने पैरवी की।
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