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MP News: बैंक मैनेजर व ग्रामीण विस्तार अधिकारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज, किसानों के केसीसी खाते से की थी धोखाधड़ी
Thu, 28 Dec 2023 07:27 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 28 Dec 2023 07:27 PM IST
सार
किसानों के 6 खातों से लगभग 12 लाख रुपये की राशि दूसरे खाते में स्थानांतरित की गई थी। बैंक मैनेजर अमित जैन तथा ग्रामीण विस्तार अधिकारी अखिलेश मरावी के संयुक्त हस्ताक्षर तथा आईडी से लोन की राशि रिकवरी एजेंट व अन्य के खाते में स्थानांतरित की गई थी। इन दोनों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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विस्तार
किसानों के केसीसी खाते में धोखाधड़ी करने वाले बैंक मैनेजर तथा ग्रामीण विकास अधिकारी के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज किया है। मिलीभगत कर केसीसी खाते में आई रकम को रिकवरी एजेंट व अन्य खाते में स्थानांतरित की गई थी।
पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू जबलपुर आरडी भारद्वाज ने बताया कि साल 2018 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मंडला जिले स्थित पडाव शाखा में 201 केसीसी खाते खोले गए थे। इसमें से 6 खातों की लोन राशि ओम रिकवरी एजेंसी व अन्य व्यक्ति के खाते में पूर्ण व आंशिक रूप से स्थानांतरित कर दी गई। इस प्रकार किसानों के 6 खातों से लगभग 12 लाख रुपये की राशि दूसरे खाते में स्थानांतरित की गई थी।
ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि केसीसी खातों के नवीनीकरण एवं खातों को एनपीए होने से बचाने के लिए कुछ किसानों को केसीसी लोन स्वीकृत किया गया था। बैंक मैनेजर अमित जैन तथा ग्रामीण विस्तार अधिकारी अखिलेश मरावी के संयुक्त हस्ताक्षर तथा आईडी से लोन की राशि रिकवरी एजेंट व अन्य के खाते में स्थानांतरित की गई थी। लोकायुक्त ने दोनों अधिकारी सहित अन्य के खिलाफ धारा 420, 409, 120 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू जबलपुर आरडी भारद्वाज ने बताया कि साल 2018 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मंडला जिले स्थित पडाव शाखा में 201 केसीसी खाते खोले गए थे। इसमें से 6 खातों की लोन राशि ओम रिकवरी एजेंसी व अन्य व्यक्ति के खाते में पूर्ण व आंशिक रूप से स्थानांतरित कर दी गई। इस प्रकार किसानों के 6 खातों से लगभग 12 लाख रुपये की राशि दूसरे खाते में स्थानांतरित की गई थी।
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ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि केसीसी खातों के नवीनीकरण एवं खातों को एनपीए होने से बचाने के लिए कुछ किसानों को केसीसी लोन स्वीकृत किया गया था। बैंक मैनेजर अमित जैन तथा ग्रामीण विस्तार अधिकारी अखिलेश मरावी के संयुक्त हस्ताक्षर तथा आईडी से लोन की राशि रिकवरी एजेंट व अन्य के खाते में स्थानांतरित की गई थी। लोकायुक्त ने दोनों अधिकारी सहित अन्य के खिलाफ धारा 420, 409, 120 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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