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MP High Court: राज्य वक्फ प्राधिकरण को नहीं था सुनवाई का अधिकार, HC ने 21 साल पूर्व पारित आदेश को किया निरस्त
Sat, 22 Jun 2024 08:43 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 22 Jun 2024 08:43 PM IST
सार
MP High Court: राज्य वक्फ प्राधिकरण को सुनवाई का अधिकार नहीं था। हाईकोर्ट ने 21 साल पहले पारित आदेश को निरस्त कर दिया।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने राज्य वक्फ प्राधिकरण द्वारा 21 साल पूर्व पारित आदेश को निरस्त कर दिया है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य वक्फ बोर्ड को मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं था।
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भोपाल निवासी याचिकाकर्ता रबाब बाई की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि भोपाल स्थित कब्रिस्तान की जमीन, जिसे मदारवाडा के नाम से जाना जाता है। अपने नाम पर दर्ज करवाने के लिए मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने अतिरिक्त जिला न्यायालय के समक्ष आवेदन दायर किया था। न्यायालय ने प्रकरण को राज्य वक्फ न्यायाधिकरण को सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया था। न्यायाधिकरण ने सुनवाई करते हुए जुलाई 2001 को आदेश पारित किया था।
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याचिका में कहा गया था कि राज्य वक्फ न्यायाधिकरण को उक्त मामला सुनने का अधिकारी नहीं था। वक्फ अधिनियम 1995 के अनुसार पूर्व के प्रकरणों की सुनवाई राज्य वक्फ न्यायाधिकरण नहीं करेगा। राज्य वक्फ न्यायाधिकरण एक जनवरी 1996 के बाद की सुनवाई करेगा। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिला न्यायालय ने संशोधित नियम 1994 के तहत प्रकरण स्थानातंरित करने के आदेश जारी किए थे। न्यायालय ने वक्फ बोर्ड 1995 के प्रावधानों को नहीं देखा। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य वक्फ बोर्ड ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाते हुए आदेश पारित किया है। एकलपीठ ने जिला न्यायालय को प्रकरण की सुनवाई के निर्देश जारी किये है।
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