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MP High Court: हाईकोर्ट के निर्देश- एम्स भोपाल के डायरेक्टर पेश करें शपथ-पत्र, या व्यक्तिगत रूप से रहें मौजूद
Mon, 08 May 2023 11:46 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 08 May 2023 11:46 PM IST
सार
याचिका में कहा गया था नियुक्ति के लिए जो मापदंड निर्धारित किए गए थे, उन्हें रिजल्ट आने से पहले बदल दिया गया। नियुक्ति के लिए पहले 50 अंक निर्धारित किए गए थे। रिजल्ट आने से पहले उसे 35 अंक कर दिया गया।
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Court Room
- फोटो : Social Media
विस्तार
एम्स भोपाल में 91 डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए एम्स भोपाल के डायरेक्टर को नियुक्ति के संबंध में शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं। शपथ-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने आदेश जारी किए हैं। अगली सुनवाई 23 जून को होगी
याचिकाकर्ता राकेश कुमार मिश्रा की तरफ से दायर याचिका में एम्स भोपाल में 91 पदों पर हुई प्राध्यापक, अतिरिक्त प्राध्यापक तथा सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था नियुक्ति के लिए जो मापदंड निर्धारित किए गए थे, उन्हें रिजल्ट आने से पहले बदल दिया गया। नियुक्ति के लिए पहले 50 अंक निर्धारित किए गए थे। रिजल्ट आने से पहले उसे 35 अंक कर दिया गया। अध्यापन पर शोध के लिए जो 15 अंक प्रदान किए जाने थे, उन्हें हटा दिया गया।
याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता एन एस रूपराह ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि खेल प्रारंभ होने के बाद नियमों में बदलाव नहीं हो सकता है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिका पर अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है।
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याचिकाकर्ता राकेश कुमार मिश्रा की तरफ से दायर याचिका में एम्स भोपाल में 91 पदों पर हुई प्राध्यापक, अतिरिक्त प्राध्यापक तथा सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था नियुक्ति के लिए जो मापदंड निर्धारित किए गए थे, उन्हें रिजल्ट आने से पहले बदल दिया गया। नियुक्ति के लिए पहले 50 अंक निर्धारित किए गए थे। रिजल्ट आने से पहले उसे 35 अंक कर दिया गया। अध्यापन पर शोध के लिए जो 15 अंक प्रदान किए जाने थे, उन्हें हटा दिया गया।
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याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता एन एस रूपराह ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि खेल प्रारंभ होने के बाद नियमों में बदलाव नहीं हो सकता है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिका पर अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है।
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