फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   MP High Court: Habeas Corpus petition filed on matrimonial dispute, court imposed a cost of 25 thousand

MP High Court: वैवाहिक विवाद पर दायर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका, कोर्ट ने लगाई 25 हजार की कॉस्ट

Wed, 13 Jul 2022 07:13 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 13 Jul 2022 07:13 PM IST
सार

वैवाहिक विवाद में घर छोड़ पत्नी के लिए पति ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कहा था कि चाचा ससुर ने पत्नी और उसकी बेटी को बंधक बना रखा है। जब कोर्ट को पता चला कि बात वैवाहिक विवाद की है तो याचिका खारिज कर दी, साथ ही याचिकाकर्ता पर 25 हजार की कॉस्ट लगा दी। 

विज्ञापन
MP High Court: Habeas Corpus petition filed on matrimonial dispute, court imposed a cost of 25 thousand
court new - फोटो : istock

विस्तार

दुबई में कार्यरत मुस्लिम युवक ने चाचा ससुर द्वारा पत्नी व बेटी को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई के दौरान उपस्थित हुई महिला ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ को बताया कि वैवाहिक विवाद के कारण स्वैच्छा से पिता के घर आ गई है। युगलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय का समय बर्बाद करने के कारण याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता आई अहमद की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि वह मूलत: जबलपुर के घमापुर क्षेत्र का निवासी है। लॉकडाउन लगने के पहले उसकी दुबई में जॉब लग गई थी। पत्नी व 6 साल की बेटी को दुबई ले जाने के लिए उसने पासपोर्ट बनवा लिए थे। लॉकडाउन लगने के कारण उस पत्नी व बच्ची को अपने ससुर के पास छोड़ गया था। उसके ससुर का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। जनवरी 2022 तक फोन पर उसकी बात पत्नी व बच्ची से होती थी।
विज्ञापन

उसके बाद बात होना बंद हो गई। पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि उसका चाचा सुसर पत्नी व बेटी को बंधक बनाए हुए हैं। 

पत्नी की बात चाचा ससुर उसके मां-पिता से भी नहीं करवाता है। जिसके बाद वह जबलपुर वापस आया और ओमती थाने में शिकायत दी परंतु पुलिस ने प्रकरण तक दर्ज नहीं किया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके कारण उक्त बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद युगलपीठ ने पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अनावेदक चाचा को नोटिस जारी किया था। याचिका की सुनवाई के दौरान उपस्थित महिला ने युगलपीठ को बताया कि उसे किसी ने बंधक बनाकर नहीं रखा है। वैवाहिक विवाद के कारण वह स्वैच्छा से पिता के घर पर है। युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने भी याचिका में यह बात स्वीकार की है कि दोनों की बीच वैवाहिक विवाद थे। जिसके बाद युगलपीठ ने न्यायालय के समय बर्बाद करने के गंभीरता से लेते हुए याचिकाकर्ता पर कॉस्ट लगाई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed