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MP High Court: PSC परीक्षा में शामिल होने वालों को चुनाव ड्यूटी से फ्री करें, हाईकोर्ट के निर्देश
Fri, 01 Jul 2022 06:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 01 Jul 2022 06:02 PM IST
सार
याचिकाकर्ता यश निगम व मोहम्मद जाकिर रंगरेजी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि PSC परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्होंने अनुमति मांगी थी, परंतु चुनाव ड्यूटी के कारण स्वीकृत नहीं हुई।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चुनाव ड्यूटी के कारण पीएससी परीक्षा में शामिल नहीं होने पाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि यह उनके मौलिक अधिकारों को हनन है। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में कहा है कि पीएससी परीक्षा में शामिल होने के लिए शासकीय कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाए। विशेष परिस्थितियों में उन्हें अवकाश भी प्रदान किया जाए।
याचिकाकर्ता यश निगम व मोहम्मद जाकिर रंगरेजी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रथम चरण में 6 जुलाई तथा दूसरे चरण में 13 जुलाई को मतदान होने है। उनकी चुनाव ड्यूटी लगी हुई है, जिसके कारण वे मुख्यालय छोड़कर नहीं जा सकते। पीएससी एग्जाम के लिए उन्होने फॉर्म भरा है और परीक्षा की तिथि 3 जुलाई निर्धारित है। परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्होंने अनुमति मांगी थी, परंतु चुनाव ड्यूटी के कारण स्वीकृत नहीं हुई।
याचिका में कहा गया था कि चुनाव डयूटी के कारण वे परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे। जो उनके मौलिक अधिकारों को हनन है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि 3 जुलाई को मतदान नहीं है। युगलपीठ ने चुनाव आयुक्त व कलेक्टर मंदसौर व दमोह को निर्देशित किया है कि वे 2 व 3 जुलाई को याचिकाकर्ताओं को चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने पर विचार करें। ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर वापस मुख्यालय लौट आएं। एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि विशेष परिस्थितियों में अवकाश प्रदान करने पर भी विचार करें। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संधी ने पैरवी की।
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याचिकाकर्ता यश निगम व मोहम्मद जाकिर रंगरेजी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रथम चरण में 6 जुलाई तथा दूसरे चरण में 13 जुलाई को मतदान होने है। उनकी चुनाव ड्यूटी लगी हुई है, जिसके कारण वे मुख्यालय छोड़कर नहीं जा सकते। पीएससी एग्जाम के लिए उन्होने फॉर्म भरा है और परीक्षा की तिथि 3 जुलाई निर्धारित है। परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्होंने अनुमति मांगी थी, परंतु चुनाव ड्यूटी के कारण स्वीकृत नहीं हुई।
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याचिका में कहा गया था कि चुनाव डयूटी के कारण वे परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे। जो उनके मौलिक अधिकारों को हनन है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि 3 जुलाई को मतदान नहीं है। युगलपीठ ने चुनाव आयुक्त व कलेक्टर मंदसौर व दमोह को निर्देशित किया है कि वे 2 व 3 जुलाई को याचिकाकर्ताओं को चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने पर विचार करें। ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर वापस मुख्यालय लौट आएं। एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि विशेष परिस्थितियों में अवकाश प्रदान करने पर भी विचार करें। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संधी ने पैरवी की।
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