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MP High Court: पीडीएस की राशि राजसात करने पर कोर्ट सख्त, अनावेदकों से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Sat, 23 Sep 2023 07:53 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 23 Sep 2023 07:53 PM IST
सार
MP High Court: सतना जिला निवासी बाबूलाल विश्वकर्मा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया, वे स्टील अथार्टी ऑफ इंडिया की इकाई लाइम स्टोन से सेवानिवृत्त हैं। उनकी पीडीएस मेच्योरिटी 2002 में होने के बावजूद उन्होनें क्लेम नहीं किया।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : Social Media
विस्तार
पब्लिक डिपाजिट सेक्शन (पीडीएस) की राशि राजसात किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने राज्य सरकार, स्टील अथार्टी ऑफ इंडिया, लाइम स्टोन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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सतना निवासी बाबूलाल विश्वकर्मा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया कि वे स्टील अथार्टी ऑफ इंडिया की इकाई लाइम स्टोन से सेवानिवृत्त हैं। उनकी पीडीएस मेच्योरिटी 2002 में होने के बावजूद उन्होंने क्लेम नहीं किया, जिस कारण राशि इंवेस्टर एजुकेशन प्रोटेक्शन फंड में स्थानांतरित हो गई। ऐसा इसलिए क्योंकि अनक्लेम्ड फंड आदि सात वर्ष की अवधि के बाद इंवेस्टर एजुकेशन प्रोटेक्शन फंड में स्थानांतरित का प्रावधान कंपनी अधिनियम-2013 में किया गया है।
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इसके चलते विभिन्न कंपनियों के कर्मियों की राशि राजसात हो चुकी है। इनमें एनसीएल, डब्ल्यूसीएल, एसईसीएल आदि के कर्मचारी शामिल हैं। आवेदक की ओर से कहा गया कि वह अपनी राशि वापस चाहता है, ऐसा इसलिए क्योंकि 2016 के नियम के अनुसार डिवीडेंट फंड व पीडीएस की राशि राजसात नहीं की जा सकती। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।
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