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Jabalpur: विशेष अदालत के जारी गिरफ्तारी वारंट को एमपी HC ने किया खारिज, याचिकाकर्ता को पेश होने के आदेश

Sun, 19 Feb 2023 05:26 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 19 Feb 2023 05:26 PM IST
सार

याचिका के मुताबिक, पॉक्सो और छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। चालान पेश होने के दौरान उसके उपस्थित नहीं होने पर विशेष न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया, जिसे हाई कोर्ट की ओर से खारिज कर दिया गया।

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MP HC rejects arrest warrant issued by special court in Jabalpur and orders petitioner to appear
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

विस्तार

जबलपुर में एमपी हाई कोर्ट ने चालान पेश करने के दौरान अभियुक्त की गैर मौजूदगी पर विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को खारिज कर दिया। दरअसल, पुलिस ने पॉक्सो और छेड़छाड़ के मामले में स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया था। इस दौरान अभियुक्त की अनुपस्थिति के कारण न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

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हाई कोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल ने मामले की सुनवाई के दौरान विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को निरस्त कर दिया। साथ ही अभियुक्त को समन जारी करने के निर्देश दिए हैं। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को 27 फरवरी तक न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के आदेश जारी किए हैं।
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रीवा निवासी पेशे से शिक्षक देवेंद्र कुमार तिवारी (56) की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका के मुताबिक, पॉक्सो और छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने उसके खिलाफ 11 जनवरी को न्यायालय में चालान पेश किया था। चालान पेश होने के दौरान उपस्थित नहीं होने पर विशेष न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया कि उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पहले समन या गैर जमानती वारंट न्यायालय को जारी करना था।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने को तैयार है। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। कहा कि समन और गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद भी न्यायालय को ऐसा लगता है कि अभियुक्त जानबूझकर कार्रवाई से बच रहा है, तो गिरफ्तारी वारंट जारी करना चाहिए। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।

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