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MP Election: गाडरवाड़ा विधानसभा में आया राम-गया राम का खेल जारी, कांग्रेस और भाजपा दोनों में बगावत
Sun, 22 Oct 2023 05:40 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 22 Oct 2023 05:40 PM IST
सार
नरसिंहपुर में पूर्व विधायक गोविंद सिंह पटेल के पुत्र तथा पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी गौतम सिंह व उनके समर्थक भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। पूर्व विधायक साधना स्थापक अपने समर्थक के साथ कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई हैं।
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MP Election 2023
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
नरसिंहपुर जिले की गाडरवाड़ा विधानसभा सीट में कांग्रेस व भाजपा दोनों को बगावत का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पार्टी में आया राम-गया राम का खेल चल रहा है। इस सीट पर भाजपा से तीन बार के सांसद राव उदय प्रताप तथा कांग्रेस से वर्तमान विधायक सुनीता पटेल के बीच टक्कर है।
भाजपा के प्रत्याशी नर्मदापुरम लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। वर्तमान विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता पटेल ने पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 15 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। दोनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। राजनीतिक पंडितों के अनुसार, दोनों पार्टी में चल रही बगावत के कारण ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है। वहीं दूसरी तरफ नाराजगी भी जारी है। नरसिंहपुर में पूर्व विधायक गोविंद सिंह पटेल के पुत्र तथा पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी गौतम सिंह व उनके समर्थक भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। पूर्व विधायक साधना स्थापक अपने समर्थक के साथ कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई हैं। दोनों पार्टी में आंतरिक विरोध है और स्थानीय नेताओं के दल-बदलने का सिलसिला जारी है। इस विधानसभा को किसी पार्टी का गढ़ नहीं माना जाता है।
भाजपा में शामिल होने वाली साधना स्थापक साल 1998 तथा 2008 में कांग्रेस पार्टी से विधायक निर्वाचित हुई थीं। उन्हें इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में साल 2003 तथा 2013 में पराजय का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस में शामिल होने वाले गौतम सिंह पटेल पिछले चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी थे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनके पिता गोविंद सिंह पटेल साल 2003 तथा 2013 में भाजपा से विधायक निर्वाचित हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता पटेल ने साल 2008 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरकर चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया था। इस विधानसभा चुनाव में उन्हें 26,756 मत मिले थे। विजयी कांग्रेस प्रत्याशी साधना को 35,895 तथा भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह पटेल को 29,792 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी ने 6,103 मतों से विजय हासिल की थी।
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2013 में हुए विधानसभा चुनाव में सुनीता पटेल दोबारा निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं। भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह पटेल ने 61,202 मत प्राप्त कर उन्हें 24,313 मतों से पराजित किया। दूसरे स्थान पर रहने वालीं निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता पटेल को 35,889 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी साधना स्थापक तीसरे स्थान पर थीं और उन्हें 27,789 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस ने साल 2018 में सुनीता पटेल को चुनाव मैदान में उतारा और उन्हें विजय अर्जित की। उन्होंने 79,342 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी गौतम सिंह पटेल को 15,363 मतों से पराजित किया था। भाजपा प्रत्याशी को 63,979 मत प्राप्त हुए थे।
बीते तीन चुनाव के नतीजे
साल 2008 में
साल 2013 में
साल 2018 में
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भाजपा के प्रत्याशी नर्मदापुरम लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। वर्तमान विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता पटेल ने पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 15 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। दोनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। राजनीतिक पंडितों के अनुसार, दोनों पार्टी में चल रही बगावत के कारण ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है। वहीं दूसरी तरफ नाराजगी भी जारी है। नरसिंहपुर में पूर्व विधायक गोविंद सिंह पटेल के पुत्र तथा पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी गौतम सिंह व उनके समर्थक भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। पूर्व विधायक साधना स्थापक अपने समर्थक के साथ कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई हैं। दोनों पार्टी में आंतरिक विरोध है और स्थानीय नेताओं के दल-बदलने का सिलसिला जारी है। इस विधानसभा को किसी पार्टी का गढ़ नहीं माना जाता है।
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भाजपा में शामिल होने वाली साधना स्थापक साल 1998 तथा 2008 में कांग्रेस पार्टी से विधायक निर्वाचित हुई थीं। उन्हें इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में साल 2003 तथा 2013 में पराजय का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस में शामिल होने वाले गौतम सिंह पटेल पिछले चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी थे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनके पिता गोविंद सिंह पटेल साल 2003 तथा 2013 में भाजपा से विधायक निर्वाचित हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता पटेल ने साल 2008 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरकर चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया था। इस विधानसभा चुनाव में उन्हें 26,756 मत मिले थे। विजयी कांग्रेस प्रत्याशी साधना को 35,895 तथा भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह पटेल को 29,792 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी ने 6,103 मतों से विजय हासिल की थी।
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2013 में हुए विधानसभा चुनाव में सुनीता पटेल दोबारा निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं। भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह पटेल ने 61,202 मत प्राप्त कर उन्हें 24,313 मतों से पराजित किया। दूसरे स्थान पर रहने वालीं निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता पटेल को 35,889 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी साधना स्थापक तीसरे स्थान पर थीं और उन्हें 27,789 मत प्राप्त हुए थे। कांग्रेस ने साल 2018 में सुनीता पटेल को चुनाव मैदान में उतारा और उन्हें विजय अर्जित की। उन्होंने 79,342 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी गौतम सिंह पटेल को 15,363 मतों से पराजित किया था। भाजपा प्रत्याशी को 63,979 मत प्राप्त हुए थे।
बीते तीन चुनाव के नतीजे
साल 2008 में
| उम्मीदवार का नाम | पार्टी | मिले वोट |
| साधना स्थापक | कांग्रेस | 35,895 |
| गोविंद सिंह पटेल | बीजेपी | 29,792 |
| सुनीता सिंह | निर्दलीय | 26756 |
साल 2013 में
| गोविंद सिंह पटेल | भाजपा | 61,202 |
| सुनीता पटेल | निर्दलीय | 35,889 |
| साधना स्थापक | कांग्रेस | 27,789 |
साल 2018 में
| सुनीता पटेल | कांग्रेस | 79,342 |
| गौतम सिंह पटेल | भाजपा | 63,979 |
