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Jabalpur: जाति प्रमाण पत्र के बिना चुनाव लड़कर हासिल की जीत, हाईकोर्ट ने माना पद पर रहने के अयोग्य

Mon, 13 May 2024 09:53 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 13 May 2024 09:53 PM IST
सार

याचिकाकर्ता रमेश चौकसे की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि रायसेन जिले के वार्ड नंबर 3 से अनावेदक राजेन्द्र सिंह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। उक्त सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित थी। अनावेदक की जाति बघेल है, जबकि ओबीसी वर्ग में पाल बघेल आते हैं। 

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Jabalpur: Won by contesting elections without caste certificate, High Court considered him unfit to hold post
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर अनारक्षित वर्ग का व्यक्ति कैसे चुनाव लड़ सकता है। हाईकोर्ट जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने सुनवाई के दौरान पाया कि अनावेदक के पास किसी वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र नहीं है। एकलपीठ ने निर्वाचित सदस्य को पद रहने के अयोग्य करार देते हुए सीट रिक्त घोषित करने के आदेश जारी किए हैं।
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याचिकाकर्ता रमेश चौकसे की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि रायसेन जिले के वार्ड नंबर 3 से अनावेदक राजेन्द्र सिंह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। उक्त सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित थी। अनावेदक की जाति बघेल है, जबकि ओबीसी वर्ग में पाल बघेल आते हैं। बघेल जाति सामान्य वर्ग में आती है। अनावेदक के निर्वाचन को चुनौती देते हुए उसकी पत्नी ने आयुक्त भोपाल के समक्ष चुनाव याचिका दायर की गई थी। आयुक्त भोपाल ने चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि प्रत्याशी ने शपथ-पत्र में खुद को ओबीसी वर्ग का बताया था। चुनाव अधिकारी के उसकी जाति की जांच करने का अधिकार नहीं है।
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याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदक की तरफ से बताया गया कि उसके पास किसी भी वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र नहीं है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि अनावेदक के पास जाति प्रमाण पत्र होता हो उसकी जांच उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति से करवाई जा सकती है। जाति प्रमाण नहीं होने के कारण अनावेदक खुद को ओबीसी वर्ग का साबित नहीं कर पाया। इसलिए वह पद में बने रहने के आयोग्य है। 
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