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Jabalpur News: ठगों ने सैलून कर्मचारी को 6 घंटे किया 'डिजिटल अरेस्ट', 15 साल की सजा का डर दिखाकर ऐंठे रुपये
Sat, 16 Nov 2024 10:21 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 16 Nov 2024 10:21 PM IST
सार
जबलपुर में साइबर ठगी का अनोखा मामला सामने आया, जिसमें ठगों ने एक सैलून कर्मचारी को "डिजिटल अरेस्ट" में रखकर 6 घंटे तक धमकाया। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगों ने युवक पर अश्लील वीडियो साझा करने का झूठा आरोप लगाते हुए 15 साल की सजा का डर दिखाया और 24,000 रुपये की मांग की।
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सैलून कर्मी से शातिरों ने की ठगी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जबलपुर में डिजिटल अरेस्ट का पहला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने एक सैलून कर्मचारी को पुलिस अधिकारी बनकर धमकाते हुए 6 घंटे तक फंसा रखा। ठगों ने युवक पर अश्लील वीडियो शेयर करने का आरोप लगाकर 15 साल की सजा और केस फाइल तैयार होने का डर दिखाया।
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सुबह 11 बजे शुरू हुए इस घटनाक्रम में आरोपियों ने 24 हजार रुपये मांगने के लिए लगातार दबाव बनाया। युवक को पहले 14,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। ठगों ने क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने की हिदायत दी और 2000-2000 रुपये की सात किश्तों में रकम ऐंठी। 6 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
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दूसरी बार और पैसे मांगे जाने पर पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए डीआईजी कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराई। डीआईजी तुषार कांत विद्यार्थी ने मामले को व्यक्तिगत रूप से संभाला। डीआईजी ने खुद को पीड़ित बताकर आरोपियों से बातचीत की और खाते में ट्रांसफर की गई रकम को फ्रीज करवा दिया। इसके साथ ही डीआईजी ने ठगों को अपनी पहचान बताई, जिसके बाद ठगों ने फोन काट दिया। डीआईजी की सूझबूझ से न केवल शेष राशि लुटने से बचाई गई, बल्कि पीड़ित को 7,500 रुपये की वापसी भी करवाई गई।
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