{"_id":"6324778d5de97e61277e0f5f","slug":"jabalpur-rapist-brother-in-law-imprisoned-for-20-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: दुष्कर्मी जीजा को 20 साल कैद, पीड़ित नाबालिग ने बयान पलटे, कोर्ट ने DNA रिपोर्ट के आधार पर सुनाई सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: दुष्कर्मी जीजा को 20 साल कैद, पीड़ित नाबालिग ने बयान पलटे, कोर्ट ने DNA रिपोर्ट के आधार पर सुनाई सजा
Fri, 16 Sep 2022 06:48 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 16 Sep 2022 06:48 PM IST
सार
पीड़िता के कोर्ट में बयान पलटने के बाद भी कोर्ट ने आरोपी जीजा को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट को आधार मानते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
court new
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीड़िता के कोर्ट में बयान पलटने के बाद भी कोर्ट ने आरोपी जीजा को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट को आधार मानते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने जबलपुर जिले के बरेला थाने में 4 फरवरी 2018 रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि जब उसकी मां भूसा भरने गांव के बाहर गई थी तब जीजा ने उसके साथ जबर्दस्ती गलत काम किया था। साथ ही इस संबंध में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोपी जीजा ने इसके बाद कई बार उसके साथ शारिरिक संबंध बनाए। बहन के घर आने पर पीड़िता ने घटना की जानकारी दी थी।
परिजन के साथ थाने पहुंची पीड़िता ने थाने में जीजा के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। सुनवाई के दौरान नाबालिग पीड़िता बयानों से मुकर गई। बरखा दिनकर विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी जीजा को दोषी करार दिया। विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम 20 साल के कारावास तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने जबलपुर जिले के बरेला थाने में 4 फरवरी 2018 रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि जब उसकी मां भूसा भरने गांव के बाहर गई थी तब जीजा ने उसके साथ जबर्दस्ती गलत काम किया था। साथ ही इस संबंध में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोपी जीजा ने इसके बाद कई बार उसके साथ शारिरिक संबंध बनाए। बहन के घर आने पर पीड़िता ने घटना की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
परिजन के साथ थाने पहुंची पीड़िता ने थाने में जीजा के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। सुनवाई के दौरान नाबालिग पीड़िता बयानों से मुकर गई। बरखा दिनकर विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी जीजा को दोषी करार दिया। विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम 20 साल के कारावास तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विज्ञापन
