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Jabalpur: पुलिस को नहीं किया जा सकता शक्ति से वंचित, निगरानी के खिलाफ दायर याचिका खारिज

Thu, 12 Jan 2023 08:41 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 12 Jan 2023 08:41 PM IST
सार

 छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव तहसील निवासी साजिद उर्फ सज्जू की तरफ से याचिका दायर की गई थी। तर्क देते हुए याचिका में राहत चाही गई थी कि उसके खिलाफ जारी निगरानी की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। 

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Jabalpur: Police cannot be deprived of power, petition filed against surveillance rejected
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

न्यायालय द्वारा सजा से दंडित नहीं किए जाने के बावजूद भी पुलिस द्वारा गत 15 सालों से निगरानी रजिस्टर में नाम दर्ज किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि संदिग्ध व गलत चरित्र वाले व्यक्ति के खिलाफ निगरानी की कार्यवाही कर सकती है। पुलिस को उसकी शक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता है।
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बता दें कि छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव तहसील निवासी साजिद उर्फ सज्जू की तरफ से याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि साल 2007 में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर उनका नाम थाने के निगरानी रजिस्टर में दर्ज किया गया था। उसे किसी भी अपराध में न्यायालय ने सजा से दंडित नहीं किया है। पुलिस मैनुअल व रेग्युलेशन के अनुसार राज्य सरकार द्वारा सशर्त रिहा किए गए व्यक्ति, सजायाफ्ता व्यक्ति तथा पूर्व अपराधी व गलत चरित्र के व्यक्ति के खिलाफ निगरानी की कार्यवाही की जाती है। याचिका में राहत चाही गई थी कि उसके खिलाफ जारी निगरानी की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
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सरकार की तरफ से याचिका का विरोध करते हुए बताया गया कि आशंका है कि याचिकाकर्ता चोरी व जमीन में कब्जा करने के कई अपराध में शामिल है। उसके खिलाफ निष्कासन की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। याचिकाकर्ता की गतिविधियां सामाजिक शांति व सुरक्षा के लिए खतरा है। एकलपीठ ने जस्टिस जीपी सिंह के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बुरे चरित्र वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस निगरानी की कार्यवाही कर सकती है। एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि पुलिस को उसकी शक्तियों से वंचित नहीं किया जा सकता है।
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