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High Court News: दुरुपयोग के लिए नहीं है धारा 311, हाईकोर्ट ने खारिज किया आवेदन
Tue, 21 Mar 2023 07:04 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 21 Mar 2023 07:04 PM IST
सार
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने धारा-311 को लेकर बड़ी बात कही है। कोर्ट ने कहा, धारा-311 दुरुपयोग के लिए नहीं है। हाईकोर्ट ने संबंधित याचिका को खारिज कर दिया है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि धारा-311 का दुरुपयोग मामले के निष्कर्ष को लंबित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ठोस और वैध कारण होने पर न्यायालय को इसका प्रयोग करना चाहिए। हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र कुमार वर्मा ने आदेश के साथ दोबारा परीक्षण के लिए गवाहों को बुलाए जाने की मांग सहित संबंधित याचिका को खारिज कर दिया।
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याचिकाकर्ता प्रमोद कोल्ह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ धारा-306, 34 के तहत मामला न्यायालय में लंबित है। मामले में तीन गवाहों को दोबारा परीक्षण के लिए बुलाए जाने की मांग करते हुए उसने न्यायालय में धारा-311 के तहत आवेदन दायर किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधिष पाढुर्ना जिला छिंदवाड़ा ने उसके आवेदन को खाजिर कर दिया था, जिसके कारण याचिका दायर की गई है। शासन की तरफ से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि मुकदमे में देरी के लिए आवेदन दायर किया गया है।
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एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिककर्ता ने तीन गवाहों के दोबारा परिक्षण के लिए आवेदन दायर किया था, जिसमें से एक गवाह का परीक्षण तथा प्रति-परीक्षण पांच साल पहले तथा दूसरे का चार साल पहले हुआ था। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा, धारा-311 के तहत न्यायालय किसी भी व्यक्ति को समन कर सकता है। देर से आवेदन करना एक महत्वपूर्ण कारण है। ठोस और वैध कारणों से सावधानी पूर्वक तरीके से इसका प्रयोग करना चाहिए। एकलपीठ ने आदेश के साथ आवेदन को खारिज कर दिया।
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