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Jabalpur: हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को दिया आदेश, रेरा के रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट की तामीली कराई जाए
Tue, 31 Jan 2023 09:51 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 31 Jan 2023 09:51 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा है कि वह कलेक्टर भोपाल से यह उम्मीद करते हैं कि वे आदेश का पालन करेंगे और अवमानना नोटिस जारी करने का कोई कारण नहीं छोड़ेंगे। कोर्ट ने इसके लिए 4 सप्ताह की मोहलत दी है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया है कि रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (रेरा) द्वारा जारी रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट की तामीली कराएं। जस्टिस नंदिता दुबे की एकलपीठ ने कहा कि कोर्ट कलेक्टर भोपाल से यह उम्मीद करती है कि वे आदेश का पालन करेंगे और अवमानना नोटिस जारी करने का कोई कारण नहीं छोड़ेंगे। कोर्ट ने इसके लिए 4 सप्ताह की मोहलत दी है।
पेशे से प्रोफेसर भोपाल निवासी संजय सहाय ने याचिका दायर कर बताया कि उन्होंने सोनिका इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड भोपाल से वर्ष 2011 में 24 सौ वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। कुल कीमत 8 लाख 40 हजार तय हुई थी। याचिकाकर्ता द्वारा बिल्डर को 6 लाख 40 हजार रुपये देने के बावजूद 2014 तक काम शुरू नहीं हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभय पांडे ने बताया कि मामला रेरा पहुंचा। रेरा ने वर्ष 2019 में बिल्डर के खिलाफ ब्याज सहित मूल राशि 11 लाख 17,852 रुपये की रिकवरी का आदेश जारी किया। इसके बाद रेरा ने 5 मार्च 2021 को आरआरसी जारी कर भोपाल कलेक्टर को इसकी रिकवरी करने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता द्वारा कई बार अभ्यावेदन देने के बावजूद कलेक्टर भोपाल द्वारा आदेश का पालन नहीं कराया, इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
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पेशे से प्रोफेसर भोपाल निवासी संजय सहाय ने याचिका दायर कर बताया कि उन्होंने सोनिका इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड भोपाल से वर्ष 2011 में 24 सौ वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। कुल कीमत 8 लाख 40 हजार तय हुई थी। याचिकाकर्ता द्वारा बिल्डर को 6 लाख 40 हजार रुपये देने के बावजूद 2014 तक काम शुरू नहीं हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभय पांडे ने बताया कि मामला रेरा पहुंचा। रेरा ने वर्ष 2019 में बिल्डर के खिलाफ ब्याज सहित मूल राशि 11 लाख 17,852 रुपये की रिकवरी का आदेश जारी किया। इसके बाद रेरा ने 5 मार्च 2021 को आरआरसी जारी कर भोपाल कलेक्टर को इसकी रिकवरी करने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता द्वारा कई बार अभ्यावेदन देने के बावजूद कलेक्टर भोपाल द्वारा आदेश का पालन नहीं कराया, इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
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