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Jabalpur High Court: फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल और दुष्कर्म करने वाली की जमानत याचिका खारिज
Thu, 29 Jun 2023 08:54 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 29 Jun 2023 08:54 PM IST
सार
आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। जबलपुर एकलपीठ ने अपराध को गंभीर प्रवृति का मानते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पॉक्सो सहित अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट ने पाया कि आवेदक पर आरोप है कि उसने चाकू की नोंक पर किशोरी से दुराचार किया। आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। एकलपीठ ने अपराध को गंभीर प्रवृति का मानते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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याचिकाकर्ता सौरभ कुमार चतुर्वेदी उम्र 29 साल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ एक किशोरी की शिकायत पर शहडोल जिले के अमलाई पुलिस थाने में पॉक्सो, एसटी-एसटी एक्ट, 386, 354 सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। अपराधिक प्रकरण में वह 26 मई 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में है। याचिकाकर्ता की तरफ से दलील दी गई कि उसके तथा शिकायतकर्ता किशोरी के बीच प्रेम संबंध थे। उसके समर्थन में शिकायतकर्ता द्वारा उसे लिखे गये प्रेम-पत्र का हवाला दिया गया। याचिकाकर्ता ने किराए का मकान छोड़ दिया तो उसने किशोरी से ब्रेकअप कर लिया था।
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जमानत याचिका का विरोध करते हुए सरकार की तरफ से बताया गया कि आरोपी ने चाकू की नोंक पर उसके साथ बलात्कार किया था। इसके अलावा आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देते हुए उसे ब्लैकमेल कर रहा था। किशोरी द्वारा उसे नियमित रुपये दिये गये थे। इस संबंध में किशोरी ने अपनी मां को बताया था, परंतु डर के कारण घटना की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज नहीं करवाई थी। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता की उम्र महज 16 साल है और वह डरी हुई है। इस कारण उसने एफआईआर में पूरी बात नहीं बताई है। इन परिस्थितियों में आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है।
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