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Jabalpur: मरघट की जमीन हो गई निजी व्यक्तियों के नाम पर, रिज्वाइंडर पेश करने की मिली मोहलत
Thu, 10 Nov 2022 09:04 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 10 Nov 2022 09:04 PM IST
सार
याचिका में कहा गया है कि टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित कब्रिस्तान की जमीन सरकारी अभिलेख में मरघट में दर्ज थी। शासकीय अभिलेख में फेरबदल करते हुए अनावेदक मोहन लाल गुप्ता तथा गुलाब गुप्ता ने अपने नाम दर्ज करवा ली।
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- फोटो : istock
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विस्तार
मरघट की जमीन सरकारी अभिलेख में निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज होने तथा उनके द्वारा निर्माण कार्य किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष अनावेदकों ने जवाब पेश किया। याचिकाकर्ता ने अनावेदकों के रिज्वाइंडर पर जवाब पेश करने समय प्रदान करने का आग्रह किया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता सिद्दीकी खान की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित कब्रिस्तान की जमीन सरकारी अभिलेख में मरघट में दर्ज थी। शासकीय अभिलेख में फेरबदल करते हुए अनावेदक मोहन लाल गुप्ता तथा गुलाब गुप्ता ने अपने नाम दर्ज करवा ली। अनावेदकों द्वारा कब्रिस्तान की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि जतारा स्थित उक्त कब्रिस्तान में समाज विशेष के मृत व्यक्तियों को दफनाया जाता है। इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ उक्त याचिका दायर की गई है।
याचिका में राज्य सरकार के गृह विभाग, पंचायत विभाग, नगरीय प्रशासन तथा विकास विभाग, संभागयुक्त सागर सहित अन्य को अनावेदक बनाया गया था। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अहदुल्ला उस्मानी पैरवी कर रहे हैं।
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याचिकाकर्ता सिद्दीकी खान की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित कब्रिस्तान की जमीन सरकारी अभिलेख में मरघट में दर्ज थी। शासकीय अभिलेख में फेरबदल करते हुए अनावेदक मोहन लाल गुप्ता तथा गुलाब गुप्ता ने अपने नाम दर्ज करवा ली। अनावेदकों द्वारा कब्रिस्तान की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि जतारा स्थित उक्त कब्रिस्तान में समाज विशेष के मृत व्यक्तियों को दफनाया जाता है। इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ उक्त याचिका दायर की गई है।
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याचिका में राज्य सरकार के गृह विभाग, पंचायत विभाग, नगरीय प्रशासन तथा विकास विभाग, संभागयुक्त सागर सहित अन्य को अनावेदक बनाया गया था। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अहदुल्ला उस्मानी पैरवी कर रहे हैं।
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