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जबलपुर: उपयंत्री भर्ती में संविदा कर्मियों को 50 प्रतिशत आरक्षण, हाईकोर्ट में याचिका के बाद बदले नियम
Fri, 02 Oct 2026 12:02 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:02 PM IST
सार
जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका के बाद मध्य प्रदेश के जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने उपयंत्री भर्ती के नियमों में संशोधन किया है। अब पात्र संविदा कर्मचारियों को सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
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मप्र हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
प्रदेश में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने उपयंत्री पदों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा संशोधन किया है। दोनों विभागों ने पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण देने का नया प्रावधान लागू कर दिया है। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया है। इस नए आदेश के शामिल होने से उपयंत्री भर्ती में लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मियों को सीधी भर्ती का लाभ मिल सकेगा।
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भर्ती विज्ञापन में आरक्षण न होने का मामला
जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 29 अगस्त को उपयंत्री के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती विज्ञापन में पात्र संविदा कर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का कोई उल्लेख नहीं किया गया था। शासन की नीति के विपरीत विज्ञापन जारी होने पर जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव सहित 24 संविदाकर्मियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का प्रावधान शामिल न किए जाने को चुनौती दी और न्याय की गुहार लगाई।
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राज्य सरकार की संशोधित नीति का दिया हवाला
उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में अपनी नीति में संशोधन किया था। इस संशोधित नीति के अनुसार राज्य के सभी विभागों की सीधी भर्ती में पात्र संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना अनिवार्य है। अधिवक्ता ने बताया कि सरकारी आदेश के बावजूद भर्ती विज्ञापन में इस महत्वपूर्ण प्रावधान को छोड़ दिया गया था, जो संविदा कर्मियों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन था। मामले में न्यायालय ने सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी।
अदालत की सुनवाई से पहले विभागीय सुधार
मामले की सुनवाई नियत तिथि पर होने से पहले ही जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अपनी त्रुटि में सुधार कर लिया। दोनों विभागों ने संयुक्त रूप से एक संशोधन आदेश जारी किया। इस नए आदेश के माध्यम से भर्ती में पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान जोड़ दिया गया। इस प्रशासनिक संशोधन के बाद याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग पूरी हो गई है और अब पूरी भर्ती प्रक्रिया संशोधित नियमों के तहत संचालित की जाएगी।
