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MP High Court: आदेश के बाद भी जारी नहीं हई असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति लिस्ट, चार हफ्ते में देना होगा जवाब

Fri, 04 Nov 2022 07:59 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 04 Nov 2022 07:59 PM IST
सार

हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश को एक साल से अधिक समय हो गया है। एमपीपीएससी द्वारा अभी तक नई सिलेक्शन लिस्ट जारी नहीं की गई है। जिसके कारण सरकारी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद रिक्त पड़े हुए हैं। 

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High Court seeks reply from MPPSC, the matter of appointment of Assistant Professors
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के बावजूद असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर दिव्यांगों को नियुक्त नहीं किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर आरक्षण अनुसार दिव्यांगों को नियुक्तियां देने के संबंध में कोई लिस्ट तैयार नहीं की गई है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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बता दें अथिति व्याख्याता रमाकांत तिवारी ने याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि वे विकलांग की श्रेणी में आते हैं। साल 2017 में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए एमपीपीएससी ने विज्ञापन जारी कर परीक्षा आयोजित की थी। जिसमें वह शामिल हुआ था, परंतु सिलेक्शन नहीं हुआ। नियमानुसार उसे दिव्यांग होने का आरक्षण मिलना चाहिए था, जो नहीं मिला। जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने नियमानुसार दिव्यांगों को आरक्षण प्रदान करने के आदेश जारी करते हुए नई सिलेक्शन लिस्ट बनाने के आदेश जारी किए थे।
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याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश को एक साल से अधिक समय हो गया है। एमपीपीएससी द्वारा अभी तक नई सिलेक्शन लिस्ट जारी नहीं की गई है। जिसके कारण सरकारी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद रिक्त पड़े हुए हैं। याचिका में प्रमुख सचिव व आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग तथा एमपीपीएससी को अनावेदक बनाया गया था। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।
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