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Jabalpur: ढाई दशक में पूरी हुई क्रिमिनल अपील की सुनवाई, हाईकोर्ट ने अंत में किया खारिज
Mon, 10 Oct 2022 07:14 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 10 Oct 2022 07:14 PM IST
सार
शहडोल जिला न्यायालय ने 11 जुलाई 1997 को डकैती के आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद व अर्थदंड की सजा से दंडित किया था। जिसके खिलाफ आरोपियों ने अगस्त 1997 में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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- फोटो : istock
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विस्तार
डकैती के आरोप में सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ 6 आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। ढाई दशक तक चली लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया। अपील की सुनवाई के दौरान तीन अभियुक्त की मौत हो गई थी।
बता दें कि शहडोल जिले के जैतपुर थाना इलाके में किराना व्यापारी के घर में घुसकर डकैती के आरोप में मोहम्मद फजल सहित 6 आरोपियों को पुलिस ने 1 फरवरी 1995 को गिरफ्तार किया था। शहडोल जिला न्यायालय ने 11 जुलाई 1997 को सुनवाई के बाद आरोपियों को दस साल की कैद व अर्थदंड की सजा से दंडित किया था। जिसके खिलाफ आरोपियों ने अगस्त 1997 में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान आरोपी राम नरेश, संतोष द्विवेदी तथा संतोष द्विवेदी की मौत हो गई थी। ढाई दशक तक चली लंबी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस अंजली पालो की एकलपीठ ने पाया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से डकैती का माल बरामद किया था। अभियोजन पक्ष के गवाहों के आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा उनकी शिनाख्त भी नियमानुसार की गई थी। एकलपीठ ने जिला न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए अपील को खारिज कर दिया। सरकार की तरफ से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पैरवी की।
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बता दें कि शहडोल जिले के जैतपुर थाना इलाके में किराना व्यापारी के घर में घुसकर डकैती के आरोप में मोहम्मद फजल सहित 6 आरोपियों को पुलिस ने 1 फरवरी 1995 को गिरफ्तार किया था। शहडोल जिला न्यायालय ने 11 जुलाई 1997 को सुनवाई के बाद आरोपियों को दस साल की कैद व अर्थदंड की सजा से दंडित किया था। जिसके खिलाफ आरोपियों ने अगस्त 1997 में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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सुनवाई के दौरान आरोपी राम नरेश, संतोष द्विवेदी तथा संतोष द्विवेदी की मौत हो गई थी। ढाई दशक तक चली लंबी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस अंजली पालो की एकलपीठ ने पाया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से डकैती का माल बरामद किया था। अभियोजन पक्ष के गवाहों के आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा उनकी शिनाख्त भी नियमानुसार की गई थी। एकलपीठ ने जिला न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए अपील को खारिज कर दिया। सरकार की तरफ से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पैरवी की।
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