Jabalpur News: एक करोड़ 35 लाख के गेहूं घोटाले मामले में एफआईआर दर्ज, पुलिस ने दस व्यक्तियों को बनाया आरोपी
मझौली ब्लॉक के हटौली उपार्जन केंद्र में 5,168.70 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी का मामला सामने आया है, जिसकी कीमत करीब 1.35 करोड़ रुपये है। जांच में फर्जी खरीदी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और अवैध वसूली उजागर होने पर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
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जबलपुर जिले के मझौली ब्लॉक में हटौली स्थित उपार्जन केंद्र में हुए 1 करोड़ 35 लाख रूपये के गेंहू घोटाला मामले में पुलिस ने दस व्यक्यितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रषासनिक स्तर में की गयी जांच में 5168.70 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी पाई गयी है।
जाने के प्राप्त जानकारी के अनुसार भूमि ग्राम संगठन हटौली को रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 में मां अन्नपूर्णा वेयर हाउस पिपरिया टगर में गेहूं खरीदी केन्द्र की स्थापना की गयी थी। उपार्जन कार्य पूर्ण होने के बाद किए गए भौतिक सत्यापन में 5168.70 क्विंटल गेहूं की कमी पाई गई। जिसका न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार मूल्य लगभग 1.35 करोड़ रुपए से अधिक है।
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तहसीलदार मझौली दिलीप हनवत, जिला परियोजना प्रबंधक अंजुला झा, जिला आपूर्ति नियंत्रक सीमा बौरसिया एवं अन्य अधिकारियों ने उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन पेष किया गया था। जांच प्रतिवेदन के अनुसार उपार्जन केंद्र में फर्जी खरीदी प्रविष्टियां, बारदानों की कथित फर्जी एंट्री, किसानों के नाम पर अनियमित खरीदी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी तथा अवैध वसूली जैसी गंभीर अनियमितताएं का उल्लेख किया गया था। जांच रिपोर्ट में कई किसानों के हस्ताक्षर आवक पंजी में नहीं मिले, कई प्रविष्टियां अधूरी थीं तथा कुछ किसानों से तुलाई, भराई एवं सिलाई के नाम पर अवैध राशि वसूले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। सर्वेयर ऐप के माध्यम से कथित रूप से ऐसे किसानों की भी खरीदी दर्ज किए जाने की बात कही गई है, जिनके गेहूं केंद्र तक नहीं पहुंचे थे।
पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर रीना लोधी, मयूरी लोधी, शुभम बर्मन, अमन पांडेय, आकाश पांडेय, अनिल पटेल, आनंद भारसाकले, नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा, एनआरएलएम के ब्लॉक मैनेजर प्रकाश नारायण पांडेय एवं रिंकू साहू के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने उपार्जन केंद्र एवं संबंधित वेयरहाउस के सीसीटीवी फुटेज, अभिलेखों तथा अन्य दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि उपार्जन डेटा के विश्लेषण की प्रक्रिया अभी जारी है और आगे भी नई अनियमितताएं सामने आने पर अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।
