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Jabalpur News: ओबीसी आरक्षण मामले में अंतिम सुनवाई प्रारंभ, खिलाफ में रखे गए तर्क; आगे की सुनवाई कल
Wed, 13 May 2026 10:07 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 10:07 PM IST
सार
मप्र हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण मामले पर 86 याचिकाओं की अंतिम सुनवाई शुरू हुई। सामान्य वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी ने 27% आरक्षण का विरोध करते हुए इसे बिना अध्ययन का फैसला बताया। सुनवाई गुरुवार तक टली। वहीं ओबीसी होल्ड अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की।
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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष बुधवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मामले पर दायर 86 याचिकाओं पर तीन दिवसीय अंतिम स्तर की सुनवाई शुरू हुई।
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सर्वप्रथम सामान्य वर्ग की ओर से ओबीसी आरक्षण के विरोध में तर्क दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि ओबीसी आरक्षण बढ़ाएंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी केस का हवाला देते हुए कहा कि बिना किसी अध्ययन के अचानक इस तरह का फैसला लिया जाना गलत है। न्यायालय ने तर्कों को संज्ञान में लेकर गुरुवार को दोपहर तीन बजे से आगे की सुनवाई करने के निर्देश दिए। गुरुवार को ओबीसी आरक्षण के खिलाफ वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी व वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी पक्ष प्रस्तुत करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में अशिता दुबे व अन्य की ओर से दायर याचिका में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने को चुनौती दी गई थी। इसके बाद से लगातार ओबीसी आरक्षण बढ़ाने के पक्ष और विपक्ष में याचिकाएं दायर हुईं। इस मामले की सुनवाई 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार होनी थी, लेकिन दूसरे दिन ही तकनीकी कारणों के चलते यह टल गई। 27 अप्रैल को कोर्ट ने सभी पक्षों के अधिवक्ताओं के लिए बहस की समय-सीमा तय कर दी थी। इसके बाद 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज राज्य शासन की ओर से पक्ष रखेंगे। बुधवार को महाधिवक्ता प्रशांत सिंह मामले की सुनवाई में नहीं पहुंचे।
ओबीसी के होल्ड अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
इधर दूसरी ओर ओबीसी आरक्षण के होल्ड अभ्यर्थियों को पुलिस ने कोर्ट परिसर में जाने से रोक दिया। ओबीसी के कई अभ्यर्थियों ने महाधिवक्ता के निवास के समक्ष घेराव के बाद हाईकोर्ट परिसर तक तख्ती लेकर प्रदर्शन करते हुए पैदल सफर किया। ओबीसी के होल्ड अभ्यर्थियों को मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में सुरक्षा अधिकारियों ने प्रवेश करने से रोक दिया। आक्रोशित प्रदर्शनकारी महाधिवक्ता को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे। चेतावनी दे रहे थे कि महाधिवक्ता को न हटाए जाने पर उग्र आंदोलन करेंगे। इसके बाद महाधिवक्ता के चेम्बर में उनका प्रतिनिधि मंडल मिलने भी गया। महाधिवक्ता ने भरोसा दिलाया कि अन्याय नहीं होने देंगे, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
