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MP News: कोर्ट की रोक के बाद भी तोड़ दिया निर्माण; कलेक्टर, निगमायुक्त सहित अन्य अधिकारियों को अवमानना नोटिस

Thu, 30 Nov 2023 10:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Thu, 30 Nov 2023 10:00 PM IST
सार

MP News: याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चौधरी ने अदालत को बताया कि स्थगन आदेश की जानकारी देने पर मौके पर मौजूद अनावेदक अधिकारियों ने कहा कि वह आदेश का पालन नहीं करते। हमें केंद्र शासन से आदेश है, जिसकी वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है।

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Construction demolished even after MP Highcourt stay Contempt notice to Collector and Corporation Commissioner
एमपी हाई कोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लेफ्ट टर्न प्रस्ताव के लिए बिना भूमि अधिग्रहण का पालन किए की जा रही कार्रवाई संबंधी मामले में जिला अदालत ने पूर्व में स्थगन आदेश दिया था। स्थगन आदेश के बावजूद भी फ्लाईओवर विस्तार के लिए अधिकारियों ने याचिकाकर्ता का निर्माण तोड़कर वहां गड्डे कर दिए, जिसे अदालत के समक्ष चुनौती दी गई। इस पर पीठासीन अधिकारी रुचि सागर की अदालत ने जबलपुर कलेक्टर, निगमायुक्त, भवन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कोतवाली थाना प्रभारी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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दरअसल, वर्ष 2016 में दमोहनाका में लेफ्ट टर्न के नाम पर याचिकाकर्ता मंजू अहिरवार की जमीन से रास्ता बनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। आरोप था कि बिना अधिग्रहण की कार्रवाई किए उक्त प्रकिया की गई थी। उसे लेकर व्यवहार वाद जिला अदालत में दायर किया गया था। उसमें न्यायालय ने एक फरवरी 2019 को स्थगन आदेश दिया था और किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी थी।
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लेफ्ट टर्न का प्रस्ताव किया गया था निरस्त
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बालकिशन चौधरी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उक्त व्यवहार वाद में नगर निगम ने जवाब पेश किया था। उसमें लेफ्ट टर्न प्रस्ताव निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई थी। उक्त मामला अभी भी अदालत में लंबित है। इसके बावजूद चार नवंबर 2023 को याचिकाकर्ता का निर्माण तोड़ दिया गया और फ्लाई ओवर के लिए गड्डे खोद दिए गए। जबकि मौके पर स्थगन आदेश बोर्ड भी लगा हुआ है।
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वीडियों रिकार्डिंग में अधिकारियों ने कहा, हम नहीं मानते आदेश
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चौधरी ने अदालत को बताया कि स्थगन आदेश की जानकारी देने पर मौके पर मौजूद अनावेदक अधिकारियों ने कहा कि वह आदेश का पालन नहीं करते। हमें केंद्र शासन से आदेश है, जिसकी वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है। उसको लेकर यह अवमानना याचिका दायर की गई है।

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