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MP High Court: उच्च स्तरीय जाति प्रमाणीकरण छानबीन समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट में तलब, जानें पूरा मामला
Fri, 13 Sep 2024 10:52 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2024 10:52 PM IST
सार
रायसेन निवासी राजेश भारके की तरफ से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि ग्राम पंचायत के सरपंच के फर्जी जाति प्रमाण-पत्र की शिकायत उच्च स्तरीय जाति प्रमाणीकरण छानबीन समिति को की थी।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित अवधि के बाद भी जाति प्रमाण-पत्र की शिकायत उच्च स्तरीय जाति प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नहीं किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस एके सिंह की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च स्तरीय जाति प्रमाणीकरण छानबीन समिति के अध्यक्ष को अगली सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए हैं।
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रायसेन निवासी राजेश भारके की तरफ से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि ग्राम पंचायत के सरपंच के फर्जी जाति प्रमाण-पत्र की शिकायत उच्च स्तरीय जाति प्रमाणीकरण छानबीन समिति को की थी। समिति द्वारा शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण हाईकोर्ट की शरण ली थी। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया था कि शिकायत का निराकरण तीन माह की निर्धारित समय सीमा में किया जाना था। हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने समिति को निर्देशित किया था।
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अवमानना याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट के आदेश बाद भी समिति ने निर्धारित समय सीमा में शिकायत का निराकरण नहीं किया। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता स्मरण-पत्र भी भेजा था। इसके बावजूद भी समिति द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी, जिसके कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गयी है। अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, आनंद शुक्ला, विनीत टहनगुनिया ,संजीव पचौरी ने पैरवी की।
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