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Jabalpur News: BHMRC को एम्स में नहीं करेंगे मर्ज, भोपाल गैस त्रासदी मामले में केंद्र की तरफ से दी गई जानकारी

Wed, 13 Nov 2024 03:51 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 13 Nov 2024 03:51 PM IST
सार

भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान केंद्र ने हाईकोर्ट को बताया कि भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएचएमआरसी) को एम्स में मर्ज नहीं किया जाएगा। गैस पीड़ितों के डेटा डिजिटाइजेशन के लिए पहले टेंडर रद्द हुआ था, लेकिन जल्द ही नया टेंडर जारी होगा। 

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विस्तार

भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएचएमआरसी) को एम्स में मर्ज नहीं किया जाएगा। गैस त्रासदी से प्रभावित लोगों के उपचार के लिए बने इस अस्पताल को एम्स में विलय करने की मांग पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने पहले ही इसे अस्वीकार कर दिया है।

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जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष केंद्र ने कहा कि गैस पीड़ितों का डेटा डिजिटाइज करने के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन सिर्फ एक कंपनी की बोली आने के कारण उसे रद्द कर दिया गया है। जल्द ही नया टेंडर जारी किया जाएगा। अदालत ने अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की है।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास के लिए 20 निर्देश जारी किए थे और इनकी निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया था। कोर्ट के निर्देश थे कि यह समिति हर तीन महीने में रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके आधार पर हाईकोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देगा। इस दौरान मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों का पालन न होने पर अवमानना याचिका भी दायर की गई थी। सरकार की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि बीएचएमआरसी में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के 70 प्रतिशत से अधिक पद भर दिए गए हैं। अदालत ने सरकार से बीएचएमआरसी को एम्स में मर्ज न करने के संबंध में लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश भी जारी किया।

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