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MP News: दुष्कर्म के आरोपी जबलपुर महिला थाने के टीआई को हाईकोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Tue, 30 Aug 2022 10:41 PM IST
रोमा रागिनी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Tue, 30 Aug 2022 10:41 PM IST
सार
महिला आरक्षक ने टीआई पर शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे अपने ओहदे की भी धमकी दी। वहीं फरार टीआई पर पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : Social Media
विस्तार
महिला आरक्षक के साथ दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहे जबलपुर महिला थाने के टीआई संदीप अचायी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी ने अपराध को गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए अग्रिम जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। फरार टीआई पर पुलिस अधीक्षक ने इनाम घोषित कर रखा है।
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महिला आरक्षक ने कटनी में पदस्थ टीआई संदीप अयाची के खिलाफ 3 अगस्त 2022 को महिला थाना जबलपुर में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि वह साल 2018 में जबलपुर के गोरखपुर थाने में पदस्थ थी। उसी थाने में संदीप अचायी टीआई के रूप में पदस्थ था। इस दौरान दोनों में दोस्ती हो गई। इसके बाद संदीप अचायी का स्थानांतरण जबलपुर के पनागर थाने हो गया था। उसकी भी डयूटी पनागर थाने में लगाई गई थी। इस दौरान टीआई उसे एक होटल के कमरे में ले गया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पंचमढ़ी और पेंच सहित अन्य स्थानों में ले जाकर शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने प्रयागराज ले जाकर उसके साथ औपचारिक रूप से विवाह भी किया था।
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अग्रिम जमानत याचिका में कहा गया था कि दोनों के बीच आपसी सहमत्ति से शारीरिक संबंध स्थापित हुए थे। शिकायतकर्ता बालिग थी और सहमत्ति से संबंध बनने के कारण बलात्कार का अपराध नहीं बनता है। अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए सरकार की तरफ से कहा गया कि आरोपी टीआई की गिरफ्तारी पर पांच हजार रूपये का ईनाम घोषित है। पूर्व में भी आरोपी ने अपने औहदे की धमकी पीड़िता को दी है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर दिया। सरकार की तरफ से उप शासकीय अधिवक्ता आलोक अग्निहोत्री उपस्थित हुए।
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