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MP News: प्रेम संबंध होने के कारण पॉक्सो के अपराध में मिली जमानत, हाईकोर्ट ने कहा- ट्रायल में लग सकता है समय

Sun, 05 Jul 2026 10:55 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 05 Jul 2026 10:55 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी रवि कुशवाहा को जमानत दे दी। अदालत ने माना कि पीड़िता ने प्रेम संबंध और अपनी मर्जी से आरोपी के साथ जाने की बात स्वीकार की है। ट्रायल में समय लगने और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत मंजूर की गई।

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Bail granted in POCSO case due to a romantic relationship
मप्र हाईकोर्ट

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार युवक को जमानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पीड़िता ने अपने बयान में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात स्वीकार की है। साथ ही यह भी माना कि मामले के ट्रायल में समय लग सकता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत का लाभ दिया।
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मामले के अनुसार, सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट के प्रकरण में आरोपी रवि कुशवाहा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया कि उसका और कथित पीड़िता का लंबे समय से प्रेम संबंध था। पीड़िता ने अपने न्यायालयीन बयान में भी स्वीकार किया कि उसके परिजन उसकी शादी किसी अन्य युवक से कराना चाहते थे, जबकि वह ऐसा नहीं चाहती थी। इसी कारण वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ चली गई थी।
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याचिका में यह भी कहा गया कि दोनों ने विवाह कर पति-पत्नी की तरह साथ रहना शुरू कर दिया था। वहीं, राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया गया कि पीड़िता की उम्र घटना के समय 17 वर्ष 9 माह थी। इसके अलावा डीएनए जांच रिपोर्ट भी आरोपी के खिलाफ सकारात्मक (पॉजिटिव) आई है। सरकारी पक्ष ने यह भी बताया कि पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया है कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने थे।


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। पीड़िता अपने परिजनों द्वारा तय किए गए विवाह से सहमत नहीं थी और अपनी इच्छा से आरोपी के साथ गई थी।

अदालत ने यह भी माना कि मामले के अंतिम निर्णय में समय लग सकता है। ऐसे में पीड़िता के बयान, दोनों पक्षों की परिस्थितियों और ट्रायल की संभावित अवधि को ध्यान में रखते हुए आरोपी रवि कुशवाहा को सशर्त जमानत प्रदान की जाती है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
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