फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   A joint hearing will be held regarding the CBI investigation and the bail plea of absconding CSP Neha Pachisia

एमपी: निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं की सुनवाई साथ करने के दिए निर्देश

Thu, 08 Oct 2026 09:29 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 08 Oct 2026 09:29 PM IST
सार

कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। शिकायतकर्ता ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई के निर्देश दिए।

विज्ञापन
A joint hearing will be held regarding the CBI investigation and the bail plea of absconding CSP Neha Pachisia
निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फरार इनामी निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। गुरुवार को जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस राम कुमार चौबे की युगलपीठ में सुनवाई के दौरान बताया गया कि अनावेदक और शिकायतकर्ता की ओर से मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए भी याचिका दायर की गई है। इस पर युगलपीठ ने दोनों याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

विज्ञापन

गौरतलब है कि कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। कटनी पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

विज्ञापन

आरोप है कि कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के मामले में निर्धारित समय सीमा में चालान पेश नहीं किए जाने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल गया था। इसके एवज में आरोपियों ने जमीन को बेहद कम कीमत पर अपने एजेंट के नाम पर खरीदा था। उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी। जमीन खरीदने से पहले उसके बैंक खाते में महज कुछ हजार रुपये थे। बाद में क्षितिज राज बारापात्रे ने उसके खाते में राशि ट्रांसफर की थी। आरोप के मुताबिक करीब एक करोड़ रुपये की जमीन महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी। विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढे़ं: इंदौर सेंट्रल जेल में बीमारी का प्रकोप, 30 कैदी पड़े बीमार; तीन में डेंगू और कुछ में टाइफाइड की पुष्टि

निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज बारापात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था। जिला न्यायालय से आवेदन खारिज होने के बाद दोनों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। याचिका की सुनवाई के दौरान एफआईआर पर रोक लगाने की मांग करते हुए भी आवेदन दायर किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया था कि उसके दो नाबालिग बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी उस पर है।

पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एकलपीठ को बताया गया था कि प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धारा भी जोड़ी गई है। इसके बाद एकलपीठ ने स्वयं को सुनवाई से अलग करते हुए मामले को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। गुरुवार को युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए दोनों याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed