फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur: The workers themselves are reaching the village by boat to apply corona vaccine to the tribals of Dindori

जबलपुर: डिंडौरी के आदिवासियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए कर्मचारी खुद नाव चलाकर पहुंच रहे गांव

Sun, 12 Dec 2021 02:40 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 12 Dec 2021 02:40 PM IST
सार

आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में महा वैक्सीन अभियान को सफल बनाने के लिए कर्मचारी अपने जान की परवाह नहीं कर रहे हैं। वैक्सीनेशन कार्य के लिए महिला कर्मचारी खुद लकड़ी की डोंगी चलाकर नदी पार करती है।

विज्ञापन
Jabalpur: The workers themselves are reaching the village by boat to apply corona vaccine to the tribals of Dindori
टीका लगाने कर्मचारी खुद नाव चलाकर पहुंच रहे गांव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में कई ऐसे कई दुर्गम स्थल हैं, जहां सड़क मार्ग उपलब्ध नहीं है। इन स्थानों में पहुंचने के लिए नदी को पार करना पड़ता है। ऐसा ही एक क्षेत्र डिंडौरी विकासखंड के पतरी उड़ान गांव का है जो कि नर्मदा और खरमेर नदी से घिरा हुआ है। वैक्सीनेशन कार्य में लगी टीम को लकड़ी की डोंगी में बैठकर नर्मदा नदी को पार गांव में पहुंचना पड़ता है। इस दौरान टीम को डोंगी खुद चलाना पड़ती है। छोटी सी डोंगी जरा सी चूक खतरनाक साबित हो सकती है। इसके बावजूद स्वास्थ्य और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूरी शिद्दत के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। इनके साहस की सभी अधिकारी सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन


फर्ज निभा रहे
वैक्सीनेशन टीम में शामिल एएनएम राधा समैया ने बताया कि डोंगी चलाकर नर्मदा नदी पार करने में डर लगता है। दुर्गम इलाकों में रहने वाले ग्रामीण वैक्सीनेशन के प्रति उदासीन हैं। उन्हें समझाना पड़ता है कि कोरोना से बचाव सिर्फ वैक्सीनेशन से संभव है। लोगों को करोना से बचाने का फर्ज हम निभा रहे हैं।
विज्ञापन


परेशानी से निपटने के लिए खुद ही नाव चलाना सीखी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मायावती ने बताया कि उसकी ड्यूटी परती उड़ान गांव में है। घाट में कोई नहीं रहता था, नदी के उस पार जाने में परेशानी होती थी। इसलिए उसने डोंगी चलाना सीख लिया और घाट में नाव चलाने वालों ने उसका सहयोग किया। बच्चों का खाना भी डोंगी में रखकर ले जाना पड़ता है। परेशानी तो होती परंतु यह उसकी ड्यूटी का हिस्सा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदी पार कर जाना मजबूरी
स्वास्थ्य विभाग के डीपीएस विक्रम ठाकुर ने बताया कि सड़क विहिन होने के कारण पतरी उड़ान गांव में वैक्सीनेशन टीम को नदी पार कर जाना पड़ता है। उस गांव में कुल 35 परिवार रहते हैं तथा व्यस्क व्यक्तियों की संख्या 85 है। जिसमें से 79 व्यक्तियों को दूसरा डोज भी लग गया है।


खेतों में जुताई करने भी पहुंची थी टीम
सीएचएमओ डॉ. रमेश मरावी ने बताया कि डिंडौरी जिले में वैक्सीनेशन के प्रथम डोज का 93 प्रतिशत तथा दूसरे डोज का 87 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। वैक्सीनेशन कार्य में जुटी टीम शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्दी हासिल करना चाहती है। वैक्सीनेशन ही कोरोना संक्रमण का बचाव है। पूर्व में भी वैक्सीनेशन टीम में खेतों में जाकर जुताई की थी और ग्रामीणों को वैक्सीनेशन के लिए भेजा था। ताकि उनकी जुताई का कार्य प्रभावी नहीं हो।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed