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Jabalpur News: खेत में टपरिया बनाकर रह रहे बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत
Mon, 10 Jan 2022 02:28 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 10 Jan 2022 02:28 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बुजुर्ग दंपती की खेत में बनी झोपड़ी में जलकर मौत हो गई। पुलिस को मामला संदिग्ध लग रहा है। उसने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। पति-पत्नी खेत में बनी टपरिया में रहते थे। उनके बच्चे गांव में रहते थे। किसी ने रस्सी काटकर जानवरों को खोल दिया था। इस वजह से पुलिस ने इस मामले को संदिग्ध मानकर जांच शुरू कर दी है।
बरगी थाना प्रभारी रितेश पांडे ने बताया कि जिले के ग्राम चौरई में सुमेर गौड़, उम्र-60 वर्ष अपनी पत्नी सिया बाई के साथ खेत में टपरिया बनाकर रहते थे। वृद्ध के दो बेटे हैं। एक ससुराल में रहता है और दूसरा काम के सिलसिले में बाहर गया था। बहू गांव के अंदर बने मकान में रहती है। बुजुर्ग दंपती मवेशियों को खेत में ही रखता था। सोमवार सुबह बहू ने अपने मवेशियों को यहां-वहां घूमते देखा तो वह खेत जा पहुंची। वहां देखा कि घास-फूस की झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी है। उसके सास-ससुर के शव भी अधजली अवस्था में वहां थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि टपरियामें प्लास्टिक बंधी थी। भूसे का ढेर लगा था। झोपड़ी में एक चूल्हा था, जिस पर दंपती का खाना बनता था। इसके अलावा झोपड़ी में बिजली का अस्थाई कनेक्शन था। कई जगह से उसके तार खुले हुए थे। मवेशियों को रस्सी काटकर खोला गया, जिसके कारण यह प्रकरण संदिग्ध दिख रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली, जिसके कारण मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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बरगी थाना प्रभारी रितेश पांडे ने बताया कि जिले के ग्राम चौरई में सुमेर गौड़, उम्र-60 वर्ष अपनी पत्नी सिया बाई के साथ खेत में टपरिया बनाकर रहते थे। वृद्ध के दो बेटे हैं। एक ससुराल में रहता है और दूसरा काम के सिलसिले में बाहर गया था। बहू गांव के अंदर बने मकान में रहती है। बुजुर्ग दंपती मवेशियों को खेत में ही रखता था। सोमवार सुबह बहू ने अपने मवेशियों को यहां-वहां घूमते देखा तो वह खेत जा पहुंची। वहां देखा कि घास-फूस की झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी है। उसके सास-ससुर के शव भी अधजली अवस्था में वहां थे।
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थाना प्रभारी ने बताया कि टपरियामें प्लास्टिक बंधी थी। भूसे का ढेर लगा था। झोपड़ी में एक चूल्हा था, जिस पर दंपती का खाना बनता था। इसके अलावा झोपड़ी में बिजली का अस्थाई कनेक्शन था। कई जगह से उसके तार खुले हुए थे। मवेशियों को रस्सी काटकर खोला गया, जिसके कारण यह प्रकरण संदिग्ध दिख रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली, जिसके कारण मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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