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सावन का अंतिम सोमवार आज: चांदी की पालकी में विराजेंगे भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर; 10 घंटे भ्रमण करेगी महासवारी
Mon, 24 Aug 2026 06:01 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 24 Aug 2026 06:01 AM IST
सार
सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर की भव्य महा सवारी निकलेगी। भगवान चांदी की पालकी में विराजकर नगर भ्रमण करेंगे और ममलेश्वर मंदिर के सामने विशेष मिलन होगा। दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली सवारी रात करीब 11 बजे शयन आरती के साथ संपन्न होगी।
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आज निकलेगी ओंकारेश्वर की महासवारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सावन माह के अंतिम सोमवार, 24 अगस्त को तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव की भव्य महा सवारी निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान ओंकारेश्वर चांदी की पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे और वर्ष में एक बार होने वाले विशेष अवसर पर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के समक्ष पहुंचकर दर्शन देंगे। महासवारी को लेकर मंदिर प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
डिप्टी कलेक्टर एवं मंदिर प्रभारी मुकेश काशिव, मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन तथा सवारी प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि सावन माह के अंतिम सोमवार की सवारी को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मंदिर के पंडित-पुजारी एवं कर्मचारी भगवान की सवारी के साथ पूरे नगर भ्रमण के दौरान मौजूद रहेंगे।
दोपहर 2 बजे मंदिर से रवाना होगी सवारी
भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को विधि-विधान से चांदी की पालकी में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद दोपहर ठीक 2 बजे मंदिर से सवारी रवाना होगी। सवारी सबसे पहले कोटितीर्थ घाट पहुंचेगी, जहां धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद भगवान की सवारी नौका विहार के लिए निकलेगी। नौका विहार के पश्चात सवारी गोमुख घाट पहुंचेगी। यहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षण देखने को मिलेगा। सवारी में सैकड़ों ढोल-ताशे, 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां, भोले की बारात, 51 ढोल, धुन एवं चलित झांकियां भगवान की पालकी के आगे चलेंगी। महा सवारी के दौरान तीर्थनगरी में भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण दिखाई देगा।
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ममलेश्वर मंदिर के सामने होगा विशेष मिलन
भगवान ओंकारेश्वर की महा सवारी लगभग शाम 5 बजे ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचेगी। सावन माह के अंतिम सोमवार को वर्ष में एक बार भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर के सामने पहुंचते हैं। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं, जनमानस तथा पंडित-पुजारियों द्वारा भगवान का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद दोनों सवारियां ममलेश्वर मंदिर से आगे बढ़ते हुए गजानन भक्त निवास पहुंचेंगी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करेंगे।
रात 11 बजे होगी शयन आरती
महा सवारी इसके बाद बालवाड़ी, पुराने बस स्टैंड, मुख्य बाजार, जेपी चौक एवं पुराने पुल से होते हुए शिवपुरी मुख्य बाजार पहुंचेगी। पूरे नगर में भ्रमण के दौरान श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। सवारी प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि भगवान ओंकारेश्वर की महा सवारी दोपहर 2 बजे मंदिर से प्रारंभ होकर रात तक चलेगी। भगवान ओंकारेश्वर सावन के अंतिम सोमवार को 10 घंटे से अधिक समय तक नगर भ्रमण करेंगे। रात्रि लगभग 11 बजे मंदिर पहुंचने के बाद शयन आरती संपन्न होगी और भगवान का शयन कराया जाएगा।
प्रशासन ने पूरी की तैयारियां
एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि सावन माह के अंतिम सोमवार की महा सवारी को लेकर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर कर्मचारियों को भी निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपते हुए सवारी के दौरान उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर के पंडित-पुजारी एवं कर्मचारी भगवान की सवारी के मंदिर वापस पहुंचने तक साथ रहेंगे।
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डिप्टी कलेक्टर एवं मंदिर प्रभारी मुकेश काशिव, मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन तथा सवारी प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि सावन माह के अंतिम सोमवार की सवारी को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मंदिर के पंडित-पुजारी एवं कर्मचारी भगवान की सवारी के साथ पूरे नगर भ्रमण के दौरान मौजूद रहेंगे।
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दोपहर 2 बजे मंदिर से रवाना होगी सवारी
भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को विधि-विधान से चांदी की पालकी में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद दोपहर ठीक 2 बजे मंदिर से सवारी रवाना होगी। सवारी सबसे पहले कोटितीर्थ घाट पहुंचेगी, जहां धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद भगवान की सवारी नौका विहार के लिए निकलेगी। नौका विहार के पश्चात सवारी गोमुख घाट पहुंचेगी। यहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षण देखने को मिलेगा। सवारी में सैकड़ों ढोल-ताशे, 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां, भोले की बारात, 51 ढोल, धुन एवं चलित झांकियां भगवान की पालकी के आगे चलेंगी। महा सवारी के दौरान तीर्थनगरी में भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण दिखाई देगा।
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ममलेश्वर मंदिर के सामने होगा विशेष मिलन
भगवान ओंकारेश्वर की महा सवारी लगभग शाम 5 बजे ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचेगी। सावन माह के अंतिम सोमवार को वर्ष में एक बार भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर के सामने पहुंचते हैं। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं, जनमानस तथा पंडित-पुजारियों द्वारा भगवान का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद दोनों सवारियां ममलेश्वर मंदिर से आगे बढ़ते हुए गजानन भक्त निवास पहुंचेंगी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करेंगे।
रात 11 बजे होगी शयन आरती
महा सवारी इसके बाद बालवाड़ी, पुराने बस स्टैंड, मुख्य बाजार, जेपी चौक एवं पुराने पुल से होते हुए शिवपुरी मुख्य बाजार पहुंचेगी। पूरे नगर में भ्रमण के दौरान श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। सवारी प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि भगवान ओंकारेश्वर की महा सवारी दोपहर 2 बजे मंदिर से प्रारंभ होकर रात तक चलेगी। भगवान ओंकारेश्वर सावन के अंतिम सोमवार को 10 घंटे से अधिक समय तक नगर भ्रमण करेंगे। रात्रि लगभग 11 बजे मंदिर पहुंचने के बाद शयन आरती संपन्न होगी और भगवान का शयन कराया जाएगा।
प्रशासन ने पूरी की तैयारियां
एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि सावन माह के अंतिम सोमवार की महा सवारी को लेकर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर कर्मचारियों को भी निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपते हुए सवारी के दौरान उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर के पंडित-पुजारी एवं कर्मचारी भगवान की सवारी के मंदिर वापस पहुंचने तक साथ रहेंगे।