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जबलपुर: स्थानांतरण हुआ तो स्कूल में बचेगा एक मात्र शिक्षक, तीस दिन में निराकरण का आदेश
Tue, 11 Jan 2022 10:38 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 11 Jan 2022 10:38 PM IST
सार
स्थानांतरण के खिलाफ स्कूल अध्यापक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट ने तीस दिनों में याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करने निर्देश जारी करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
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- फोटो : Social Media
विस्तार
स्थानांतरण के खिलाफ स्कूल अध्यापक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि उसके स्थानांतरण के बाद स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक बचेगा। जो शिक्षा के अधिकार कानून को उल्लंघन है। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट ने तीस दिनों में याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करने निर्देश जारी करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
याचिकाकर्ता सुखेन्द्र सिह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह सीधी के रामपूर ब्लॉक स्थित शासकीय हाई स्कूल डिथैरा में माध्यमिक शिक्षक के रूप में पदस्थ है। उसका स्थानांतरण रीवा के रतनगवां स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक शाला में कर दिया गया है। याचिका में कहा गया था कि उसके स्थान पर किसी अन्य शिक्षक को स्कूल में नियुक्ति नहीं किया गया है। उसके स्थानांतरण में बाद स्कूल में केवल एक शिक्षक ही शेष रह जाएगा। जो शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन है। स्कूल के प्राचार्य ने भी स्थानांतरण निरस्त करने के लिए अनुशंसा की है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।
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याचिकाकर्ता सुखेन्द्र सिह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह सीधी के रामपूर ब्लॉक स्थित शासकीय हाई स्कूल डिथैरा में माध्यमिक शिक्षक के रूप में पदस्थ है। उसका स्थानांतरण रीवा के रतनगवां स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक शाला में कर दिया गया है। याचिका में कहा गया था कि उसके स्थान पर किसी अन्य शिक्षक को स्कूल में नियुक्ति नहीं किया गया है। उसके स्थानांतरण में बाद स्कूल में केवल एक शिक्षक ही शेष रह जाएगा। जो शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन है। स्कूल के प्राचार्य ने भी स्थानांतरण निरस्त करने के लिए अनुशंसा की है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।
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