हेराल्ड मामला: सोनिया, राहुल समेत पांच के खिलाफ पीआईएल स्वीकार
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मध्यप्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा समेत पांच लोगों के खिलाफ एक जनहित याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। इससे सोनिया और राहुल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। याचिका में इन सभी के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की गई है। कोर्ट अब मामले की सुनवाई जून में करेगा।
बताया जा रहा है कि भोपाल निवासी आरके शर्मा ने पीआईएल (जनहित याचिका) में सैम पित्रोदा और सुमन दुबे के नाम भी दिए हैं। इसमें कहा गया है कि नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक संस्था एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) को 1982 में भोपाल शहर की प्राइम लोकेशन में 30 साल की लीज पर बेशकीमती जमीन आवंटित की गई थी।
लेकिन बाद में एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड के स्थान पर बनी यंग इंडिया नामक कंपनी ने इस भूमि का बड़ा हिस्सा बेच दिया। इसके लिए कंपनी ने भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) से कोई अनुमति भी नहीं ली।
पूर्व में चार लोगों की जनहित याचिका खारिज कर चुका है हाईकोर्ट
मालूम हो कि इसी माह की 17 तारीख को जबलपुर हाईकोर्ट इस मामले में चार लोगों की याचिका खारिज कर चुका है, जो उन्हें पक्षकार बनाने के लिए दी गई थीं। दरअसल, ये चारों याचिकाकर्ता नेशनल हेराल्ड को आवंटित भूमि पर बने भवन में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
इस केस में बीडीए ने भी एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड के खिलाफ भोपाल की कोर्ट में एक केस दाखिल किया था। बीडीए का कहना है कि लीज डीड की अवधि चूंकि एक अप्रैल 2011 को समाप्त हो चुकी है, लिहाजा 1.14 एकड़ भूमि का यह रकबा उसे वापस मिलना चाहिए।
बीडीए के अफसरों के मुताबिक एजेएल को एक लाख रुपये में यह भूमि तीस साल की लीज पर दी गई थी। यहां से अंग्रेजी के नेशनल हेराल्ड, हिंदी के नवजीवन और उर्दू अखबार कौमी आवाज का प्रकाशन किया जाना था। लेकिन ऐसा करने के बजाए भूमि बेच दी गई और अब वहां व्यावसायिक भवन खड़ा है। यह लीज की शर्तों का उल्लंघन है।
