फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur: Arif Masood's petition filed against Surya Namaskar program dismissed, High Court considered immaterial

जबलपुर: सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के खिलाफ दायर आरिफ मसूद की याचिका निराकृत, हाईकोर्ट ने मानी सारहीन

Tue, 08 Feb 2022 08:05 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 08 Feb 2022 08:05 PM IST
सार

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की ओर से दायर याचिका निराकृत कर दी गई। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित किए गए सूर्य कार्यक्रम को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। कार्यक्रम के आयोजन की तिथि समाप्त होने के कारण युगलपीठ ने याचिका को सारहीन मानते हुए निराकृत कर दी।

विज्ञापन
Jabalpur: Arif Masood's petition filed against Surya Namaskar program dismissed, High Court considered immaterial
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित किए गए सूर्य कार्यक्रम को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि आजादी के अमृत मोहत्सव के तहत यह कार्यक्रम किया जा रहा है। कार्यक्रम में शैक्षणिक संस्थानों को शामिल होने बाध्य किया जा रहा है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस पी के कौरव की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद पाया कि कार्यक्रम 1 जनवरी से 7 फरवरी तक आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के आयोजन की तिथि समाप्त होने के कारण युगलपीठ ने याचिका को सारहीन मानते हुए निराकृत कर दी।
विज्ञापन


भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि आजादी के अमृत मोहत्सव आयोजन के तहत राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट फेडरेशन ने 1 जनवरी से 7 फरवरी तक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया है। देश के तीन राज्यों में 30 हजार संस्था तथा तीन लाख छात्रों को इसमे शामिल गया गया है। यह कार्यक्रम 75 करोड सूर्य नमस्कार सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगे के सामने म्युजिकल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
विज्ञापन


याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि विश्व विद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षा संस्थानों तथा संबध्द कॉलेजों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया था। सूर्य नमस्कार को सूर्य पूजा माना जाता है। इस्लाम धर्म के अनुसार सूर्य की पूजा सही नहीं है। याचिका में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा गया था कि सूर्य नमस्कार में शामिल होना बंधककारी नहीं होकर स्वैच्छिक होना चाहिए। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की बाध्यता संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने याचिकाकर्ता को निर्देश दिये थे। याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने याचिका को सारहीन मानते हुए उसे निराकृत कर दी। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ई हाशमी तथा अधिवक्ता कु जी रसूद उपस्थित हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed