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इंटरव्यू: खरगोन के प्रभारी मंत्री बोले- उपद्रवी पहले से तैयार थे, सब इतना अचानक हुआ कि पुलिस कुछ समझ नहीं पाई
सार
खरगोन उपद्रव के 11 दिन बाद अब माहौल लगभग पूरी तरह शांत है। सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट रहा है। कर्फ्यू में भी लगातार ढील बढ़ाई जा रही है। गुरुवार रात को जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने जिले का दौरा किया। वे घटना के बाद पहली बार खरगोन पहुंचे थे। हालातों को जानने के बाद उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत की। पेश हैं बातचीत के अंश-
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गुरुवार रात को जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने जिले का दौरा किया। वे घटना के बाद पहली बार खरगोन पहुंचे थे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खरगोन में क्या हुआ था, आप पहुंचे तो क्या देखा
पटेल- खरगोन में जो हुआ, वो एक षड्यंत्र था। योजनाबद्ध तरीके से इसे अंजाम दिया गया। पहले से पूरी प्लानिंग थी कि हमला करना है, सबको आग लगाना है, लूटपाट करना है। जैसे कोई दुश्मन बदला लेता है न, इस प्रकार का काम किया है। कई घरों को आग लगा दी गई, तोड़फोड़ की, पथराव किया मस्जिदों से। चारों तरफ से घेराव किया, लोगों को पीटा, मंदिरों में तोड़फोड़ की। गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। जैसा कश्मीर में घटनाएं घटती है, वैसा किया है। कश्मीर फाइल्स में जो देखा, वहीं यहां हुआ। पीड़ितों ने अपना दर्द बयां किया है।
यानी हिंदू ज्यादा प्रभावित हुए हैं
पटेल- ज्यादा नहीं, सिर्फ हिंदू परिवार प्रभावित हुए हैं। मैं कहता हूं कि जिसने किया वो गलत किया। देखो, अपराधी की कोई जाति नहीं, कोई पार्टी नहीं होती। हालांकि एक धर्म संप्रदाय ने इकट्ठे होकर इसे अंजाम दिया है। जघन्य अपराध है। हमने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि दोबारा हिम्मत न कर सकें।
कैसे पता चलता है कि ये एक साजिश थी
पटेल- पूरा शहर, पूरा मीडिया सब जानता है कि एक संप्रदाय द्वारा एकतरफा कार्रवाई की गई है। निर्दोष लोगों को, जिनसे कोई लेना-देना नहीं उन्हें प्रताड़ित किया गया। न वो कोई जुलूस में, न किसी और में शामिल थे, फिर भी उन पर हमला किया गया। पूर शहर में एकसाथ, कई जगह, करीब 15 जगह एकसाथ घटना की थी, इससे पता चलता है कि ये योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया। ये जो वीडियो जारी हुए हैं, ढेर सारे वीडियो हैं जिनमें दिख रहा है कि एक ही संप्रदाय के लोग दूसरे के घरों में पथराव कर रहे हैं, लूटपाट कर रहे हैं, आग लगा रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं। अब चलो रेप करेंगे, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया। कई लोग तो घरों में छिप गए जब जाकर बची जान, नहीं तो ये कितने लोगों की जान लेते।
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पटेल- खरगोन में जो हुआ, वो एक षड्यंत्र था। योजनाबद्ध तरीके से इसे अंजाम दिया गया। पहले से पूरी प्लानिंग थी कि हमला करना है, सबको आग लगाना है, लूटपाट करना है। जैसे कोई दुश्मन बदला लेता है न, इस प्रकार का काम किया है। कई घरों को आग लगा दी गई, तोड़फोड़ की, पथराव किया मस्जिदों से। चारों तरफ से घेराव किया, लोगों को पीटा, मंदिरों में तोड़फोड़ की। गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। जैसा कश्मीर में घटनाएं घटती है, वैसा किया है। कश्मीर फाइल्स में जो देखा, वहीं यहां हुआ। पीड़ितों ने अपना दर्द बयां किया है।
यानी हिंदू ज्यादा प्रभावित हुए हैं
पटेल- ज्यादा नहीं, सिर्फ हिंदू परिवार प्रभावित हुए हैं। मैं कहता हूं कि जिसने किया वो गलत किया। देखो, अपराधी की कोई जाति नहीं, कोई पार्टी नहीं होती। हालांकि एक धर्म संप्रदाय ने इकट्ठे होकर इसे अंजाम दिया है। जघन्य अपराध है। हमने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि दोबारा हिम्मत न कर सकें।
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कैसे पता चलता है कि ये एक साजिश थी
पटेल- पूरा शहर, पूरा मीडिया सब जानता है कि एक संप्रदाय द्वारा एकतरफा कार्रवाई की गई है। निर्दोष लोगों को, जिनसे कोई लेना-देना नहीं उन्हें प्रताड़ित किया गया। न वो कोई जुलूस में, न किसी और में शामिल थे, फिर भी उन पर हमला किया गया। पूर शहर में एकसाथ, कई जगह, करीब 15 जगह एकसाथ घटना की थी, इससे पता चलता है कि ये योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया। ये जो वीडियो जारी हुए हैं, ढेर सारे वीडियो हैं जिनमें दिख रहा है कि एक ही संप्रदाय के लोग दूसरे के घरों में पथराव कर रहे हैं, लूटपाट कर रहे हैं, आग लगा रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं। अब चलो रेप करेंगे, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया। कई लोग तो घरों में छिप गए जब जाकर बची जान, नहीं तो ये कितने लोगों की जान लेते।
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खरगोन पहुंचकर मंत्री कमल पटेल ने पीड़ितों से मुलाकात की।
- फोटो : सोशल मीडिया
अगर ये साजिश थी तो पुलिस का सूचना तंत्र पता क्यों नहीं लगा पाया
पटेल- ये इतनी तेजी से हुआ कि पुलिस-प्रशासन किसी को समझ ही नहीं आया। पहले से कुछ हलचल नहीं थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो सकता है। अपने यहां ऐसी कोई घटना पहले घटी भी नहीं है, विवाद ही नहीं था किसी प्रकार का कुछ। और सिर्फ जहां से जुलूस निकला, वहां ही नहीं, घटना तो पूरे शहर में घटी है न। इसका क्या मतलब, कैसे हुआ एकसाथ, पथराव, तलवारें, गोली। एसपी को गोली लगी है। ये एकतरफा मामला है। योजनाबद्ध तरीके से पूरे शहर को आग लगाने, आतंक मचाने की, दहशत फैलाने की कोशिश थी। अपना टेरर दिखाना, बहुमत दिखाना कि हम कुछ भी कर सकते हैं।
जिनके घर टूटे, जलाए गए, उनके लिए अब क्या हो रहा
पटेल- उपद्रव में कई हिंदू परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा है। पीड़ितों को पूरी नुकसानी की भरपाई करने, क्षतिग्रस्त मकान फिर से सुधरवाने की पहल सरकार की ओर से की जाएगी। इस भरपाई की वसूली आरोपितों से की जाएगी। इसके लिए कानून बना दिया है। मैंने कलेक्टर अनुग्रहा पी. को शासन द्वारा स्वीकृत राहत राशि तुरंत वितरित करने सहित अन्य निर्देश दिए हैं।
प्रशासन क्या कर रहा, कैसे पता लगाएंगे भीड़ में शामिल लोगों का
पटेल- इनके खिलाफ कार्रवाइयां हो रही हैं। ताकि ये कभी जिंदगी में दोबारा हिम्मत न करें ऐसा करने की। जो अपराधी हैं उन्हें जेल के शिकंजे में भेजेंगे। अभी तो फरार हैं बहुत सारे तो। हमले में तो बाहर से आकर लोगों ने भी हरकत की है। चार-पांच दिन पहले से तैयारी थी ऐसा लग रहा है। इसकी जांच की जा रही है, जो भी दोषी हैं। चिन्हित किए जा रहे हैं। वीडियो देखकर, सीसीटीवी फुटेज देखकर, मोबाइलों से, लोगों के बयान के आधार पर पहचान की जा रही है। एसपी रोहित काशवानी को एक-एक आरोपित पर कड़ी कार्रवाई के करने का बोला है।
मंत्री कमल पटेल ने पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
खरगोन में अब क्या स्थिति है
पटेल- अभी हालात काबू में हैं। सब जगह फिलहाल शांति है। कर्फ्यू को लेकर ढील दी जा रही है। मौके की स्थिति देखकर फैसला लिया जा रहा है। सामान्य स्थिति होते ही उसे भी खत्म करेंगे ही। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि सरकार ने खरगोन में हिंदुओं के घर भी तोड़े हैं
पटेल- अतिक्रमण तो किसी का भी हो, सबके टूटेंगे। उसमें किसी जाति-धर्म का कोई रोल नहीं है। प्रशासन ये देखकर तो कार्रवाई नहीं करता, ये हिंदू का अतिक्रमण, ये मुसलमान का अतिक्रमण। प्रशासन के लिए सब बराबर हैं। इसलिए सभी के अतिक्रमण तोड़े गए हैं। खरगोन उपद्रव के मामले में अपराधियों के अवैध घर तोड़ने की कार्रवाई हुई है।
दिग्विजय सिंह ने कहा था कि भाजपा यह जानती है कि बिना पत्थर उछाले कुर्सी नहीं मिलती। साम्प्रदायिक उन्माद भाजपा का सबसे ख़तरनाक राजनीतिक हथियार है।
पटेल- ये बातें तो कमलनाथ ने भी बोली, पर यहां आकर देखो न। जो पथराव हुआ, हमला हुआ, उसकी निंदा नहीं की इन्होंने। लेकिन जब उन पर कार्रवाई की तो उसकी निंदा की। झूठ का पुलिंदा हैं ये लोग। जनता समझ गई है इनको, इनकी हालत खराब होनी है।
हमले में पुलिस वाले घायल हुए थे, कैसे हैं सब
पटेल- एसपी की हालत ठीक है, मैं हालचाल लेकर आया हूं। बढ़िया है। 10-15 पुलिस वाले घायल हो गए हैं। सभी की हालत में सुधार है।
