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MP: आखिर क्यों हो रही क्रिकेट जगत में इंदौर की चर्चा, नीली जर्सी में चमकने वाले इंदौरी सितारों की लंबी लिस्ट
सार
रजत पाटीदार को आरसीबी की कप्तानी मिलने से इंदौर फिर चर्चा में है। वेंकटेश अय्यर को केकेआर की कप्तानी मिलने की अटकलें हैं। इंदौर ने नायडू, मुश्ताक अली, हिरवानी जैसे सितारे दिए। युवा खिलाड़ी भी दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं और भारतीय क्रिकेट में चमकने को तैयार हैं।
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इंदौर के इन खिलाड़ियों ने भी किया क्रिकेट जगत में अपना नाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईपीएल के लिए रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु की कप्तानी रजत पाटीदार को मिली है। इसके बाद इंदौर एक बार फिर चर्चा में है। क्रिकेट की दुनिया में इंदौर के सितारे भारतीय क्रिकेट बोर्ड बनने के पहले से चमकते रहे हैं। पाटीदार के बाद इंदौर के क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें भी कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी सौंपी जा सकती है। उस टीम में भी अनुभवी खिलाड़ी नहीं हैं। अभी तक कोलकाता ने भी अपना कप्तान तय नहीं किया है।
इंदौर ने भारतीय क्रिकेट को कई सितारे दिए, लेकिन आजाद भारत के बाद किसी को कप्तानी का मौका नहीं मिला था। नायडू राष्ट्रीय स्तर की टीम के कप्तान थे। वे 1932 से 1934 तक कप्तान रहे। इंदौर के ही मुश्ताक अली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रहे हैं। वे दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज थे। वे विदेशी धरती पर शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे। वर्ष 1936 में ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैड के खिलाफ उन्होंने 112 रन बनाए थे।
बॉलिंग पर नियंत्रण रखते थे हिरवानी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 17 टेस्ट और 18 वनडे मैच खेले। उन्होंने अपने पर्दापण टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ चेन्नई में 16 विकेट लिए थे। वे भी इंदौर के हैं। बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले बताते हैं कि हिरवानी नियंत्रित और सधी हुई बॉलिंग करते थे। वे बल्लेबाज की मनोस्थित जल्दी भांप लेते थे। इस कारण वे सफल भी हुए। इसके अलावा अमय खुरासिया भी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं। वे आक्रमक बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन सही समय पर उन्हें मौका नहीं मिला, वे अच्छे फील्डर भी थे, लेकिन कंधे की चोट के कारण उनकी फिल्डिंग प्रभावित होने लगी थी।
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आत्मविश्वास है रजत में
जगदाले बताते हैं कि रजत को कप्तानी का ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन उनमें आत्मविश्वास की कमी नहीं है। टीम के नेतृत्व के चैलेंज को उन्हें बेहतर तरीके से लेना होगा। वे कसौटी पर खरे साबित होंगे। वे कहते है इंदौर के नमन ओझा भी भारतीय क्रिकेट टीम में रह चुके हैं। वे भी अच्छे बल्लेबाज रहे हैं।
युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहतर
एमपीसीए के प्रतिनिधि इंदौर निवासी राजू चौहान कहते हैं कि मध्य प्रदेश के युवा खिलाड़ी भी अच्छा खेल रहे हैं। व्यंकटेश अय्यर, आवेश खान तो भारतीय टीम का हिस्सा हैं। उनके अलावा श्रेयांश जैन, रिषभ चौहान, हर्ष गवली, शुभम शर्मा, पार्थ साहनी, शुभम कुशवाह, आर्यन पांडे भी भारतीय क्रिकेट में चमक सकते हैं।
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इंदौर ने भारतीय क्रिकेट को कई सितारे दिए, लेकिन आजाद भारत के बाद किसी को कप्तानी का मौका नहीं मिला था। नायडू राष्ट्रीय स्तर की टीम के कप्तान थे। वे 1932 से 1934 तक कप्तान रहे। इंदौर के ही मुश्ताक अली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रहे हैं। वे दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज थे। वे विदेशी धरती पर शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे। वर्ष 1936 में ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैड के खिलाफ उन्होंने 112 रन बनाए थे।
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बॉलिंग पर नियंत्रण रखते थे हिरवानी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 17 टेस्ट और 18 वनडे मैच खेले। उन्होंने अपने पर्दापण टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ चेन्नई में 16 विकेट लिए थे। वे भी इंदौर के हैं। बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले बताते हैं कि हिरवानी नियंत्रित और सधी हुई बॉलिंग करते थे। वे बल्लेबाज की मनोस्थित जल्दी भांप लेते थे। इस कारण वे सफल भी हुए। इसके अलावा अमय खुरासिया भी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं। वे आक्रमक बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन सही समय पर उन्हें मौका नहीं मिला, वे अच्छे फील्डर भी थे, लेकिन कंधे की चोट के कारण उनकी फिल्डिंग प्रभावित होने लगी थी।
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आत्मविश्वास है रजत में
जगदाले बताते हैं कि रजत को कप्तानी का ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन उनमें आत्मविश्वास की कमी नहीं है। टीम के नेतृत्व के चैलेंज को उन्हें बेहतर तरीके से लेना होगा। वे कसौटी पर खरे साबित होंगे। वे कहते है इंदौर के नमन ओझा भी भारतीय क्रिकेट टीम में रह चुके हैं। वे भी अच्छे बल्लेबाज रहे हैं।
युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहतर
एमपीसीए के प्रतिनिधि इंदौर निवासी राजू चौहान कहते हैं कि मध्य प्रदेश के युवा खिलाड़ी भी अच्छा खेल रहे हैं। व्यंकटेश अय्यर, आवेश खान तो भारतीय टीम का हिस्सा हैं। उनके अलावा श्रेयांश जैन, रिषभ चौहान, हर्ष गवली, शुभम शर्मा, पार्थ साहनी, शुभम कुशवाह, आर्यन पांडे भी भारतीय क्रिकेट में चमक सकते हैं।
