फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   publisher of controversial book found in law college of indore also arrested

indore crime:इंदौर केे लाॅ काॅलेज मेें मिली विवादित पुस्तक की प्रकाशक भी गिरफ्तार

Sat, 10 Dec 2022 10:52 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 10 Dec 2022 10:52 AM IST
विज्ञापन
publisher of controversial book found in law college of indore also arrested
काॅलेज में मिली थी विवादित किताबें - फोटो : SOCIAL MEDIA

इंदौर के लाॅ कालेज की लाइब्रेरी में रखी गई विवादित पुस्तक की लेखिका डा.फरहत खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पुस्तक की महिला प्रकाशक उमा छेत्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। उमा की गिरफ्तारी उसके घर से हुई है। पांच साल पहले इस किताब को प्रकाशित किया गया था और किताब के विवादित हिस्से की शिकायत के बाद किताब प्रतिबंधित हो गई थी। बाद में उस हिस्से को हटाकर नई किताब प्रकाशित कर दी गई थी, लेकिन प्रतिबंधित संस्करण की किताब लाॅ काॅलेज की लाइब्रेरी में मिली थी। जिसे आधार बनाते हुए पुलिस ने काॅलेज प्राचार्य, प्रोफेसर, लेखिका व प्रकाशक केे खिलाफ केस दर्ज किया था।

विज्ञापन

किताब इंदौर की जिला कोर्ट के सामने अमर लाॅ पब्लिकेशन ने प्रकाशित की थी।पुलिस को किताब की लेखिका डाॅ. फरहत खान को पुणे से गिरफ्तार किया था, वह पुणे के एक अस्पताल में भर्ती मिली थी। डाॅ. फरहत की दोनो किडनियां फेल है। वह इलाज के लिए भर्ती है। अब पुलिस ने किताब की लेखिका उमा छेत्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। उधर पुलिस ने लाइब्रेरी में किताब रखने के मामले में काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. रहमान को आरोपी बनाया है,लेकिन वे भी तबीयत खराब होने के कारण वे एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए। जिला कोर्ट ने उनका अग्रिम जमानत आवेदन भी खारिज कर दिया है। इस पूरेे मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने जांच के लिए कमेेटी गठित की थी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्राचार्य और तीन प्रोफेसरों को निलंबित कर दिया है।

विज्ञापन

किताब में आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद के बारे में टिप्पणी

अापको बता देें कि डा.फरहत खान ने सामूहिक हिंसा और दांडिक न्याय पद्धति किताब लिखी थी। जिसमें आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद के बारे में भड़काने वाली बातें लिखी गई थी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीन साल पहले किताब के विवादित हिस्सों को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद किताब प्रतिबंधित कर दी गई थी। वह किताब काॅलेज की लाइब्रेरी मेें मिली थी। इसके बाद भंवरकुआ पुलिस ने लेखिका, प्रकाशक, प्राचार्य और एक प्रोफेसर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले में पहली गिरफ्तारी लेखिका की हुई है,जबकि दूसरी गिरफ्तारी प्रकाशक की हुई हैै।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed