फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   pravasi bharatiya divas and investor summit indore

Indore : निवेशकों के लिए समय सीमा तय करे सरकार, कब काम शुरू करेंगे, कितनों को देंगे रोजगार

Sat, 07 Jan 2023 12:03 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, इंदौर
अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sat, 07 Jan 2023 12:03 PM IST
सार

इससे पहले हुई इन्वेस्टर समिट में भी देश और दुनिया के कई बड़े उद्योगपतियों ने निवेश किए जिनमें से कुछ शुरू हुए तो कुछ अभी भी प्लानिंग मोड में ही हैं।

विज्ञापन
pravasi bharatiya divas and investor summit indore
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के सचिव तरुण व्यास, एमपी स्मॉल ड्रग मैन्यूफेक्चरर एसोसिशन के अध्यक्ष दर्शन - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन और ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हो रहा है। इससे पहले हुए इन्वेस्टर समिट में भी देश और दुनिया के कई बड़े उद्योगपतियों ने निवेश के वादे किए जिनमें से कुछ शुरू हुए तो कुछ अभी भी प्लानिंग मोड में ही हैं। इंदौर के प्रमुख उद्योगपतियों का कहना है कि सरकार जमीन, पानी, बिजली से लेकर तमाम तरह की सुविधाएं दे रही हैं। ऐसे में यदि सरकार निवेशकों के लिए एक समयसीमा बना दें कि वे कितने समय में काम शुरू करेंगे तो उन पर भी दबाव रहेगा। साथ ही प्रशासन और अधिकारियों पर भी दबाव रहेगा। इससे काम समयसीमा में शुरू हो जाएंगे। वरना कई बार जमीनें मिलने में भी कई साल तक काम शुरू नहीं हो पाता है। 

विज्ञापन


एमएसएमई के लिए भी इन्वेस्टर मीट होना चाहिए
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के सचिव तरुण व्यास कहते हैं कि जितने इन्वेस्टर समिट हुए हैं उससे इंदौर और मध्यप्रदेश को ग्लोबलाइजेशन मिला है। फार्मा, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग में कई बड़ी कंपनियां मध्यप्रदेश में आई हैं। सरकार अब क्लस्टर डेवलपमेंट पॉलिसी लाई है। इससे बड़े बदलाव होंगे। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आएंगी। बड़े इन्वेस्टर के अलावा एमएसएमई के लिए भी इन्वेस्टर मीट होना चाहिए। जो 10 से 20 करोड़ या 50 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं, वह रोजगार भी ज्यादा देती हैं। 
विज्ञापन


समयसीमा निर्धारित करना बहुत जरूरी
सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष हरि अग्रवाल कहते हैं कि अभी तक जो भी निवेश की योजनाएं आई हैं वह पूरी तरह से जमीन पर नहीं उतरी हैं। इसमें प्रमुख कारण यह है कि सरकार ने उद्योगपतियों को जमीन देने के बाद डेटलाइन नहीं दी। सरकार को यह निर्धारित करना होगा कि उद्योगपति सरकार से सुविधाएं लेने के कितने समय में कंपनी शुरू करेंगे और कितने लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे काम तेजी से होगा और परिणाम अच्छे आएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जमीन पर काम दिखने में समय तो लगता है
एमपी स्मॉल स्केल ड्रग मैन्युफेक्चरर एसोसिशन के अध्यक्ष दर्शन कटारिया कहते हैं कि इस बार की इन्वेस्टर समिट में सरकार ने सब कुछ कवर किया है। इस बार हर स्तर पर बेहतर काम हो रहा है। यह सच है कि जो भी वादे होते हैं उनमें जमीन पर 100 प्रतिशत नहीं आ पाता है क्योंकि प्रोजेक्ट जमीन पर उतरने पर समय लगता है। ऐसा हर क्षेत्र में होता है। मप्र और इंदौर में बहुत कुछ बदला है और कई शीर्ष कंपनियां यहां पिछले कुछ साल में आई हैं। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed