Indore: पीएससी के सवाल हटाने पर सियासत गरमाई, दिग्विजय सिंह और कमल नाथ ने साधा सरकार पर निशाना
भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े सवाल को हटाने को लेकर सियासत गरमा गई है। अभ्यर्थी इस मुद्दे पर कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सवाल के सही जवाब के दस्तावेज भी एकत्र किए है।
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मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2022 की आंसरशीट से भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ा सवाल हटाने पर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पीएससी ने सही सवाल को हटाकर अभ्यर्थियों का नुकसान किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने ट्वीट में भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ की तारीख गलत बताई थी। दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट कर पीएससी सदस्यों को अनपढ़ बताया। यह भी कहा कि सही सवाल को पीएससी ने हटा दिया। इस मामले में भाजपा की तरफ से चुप्पी ही सामने आई है।
दूसरी ओर अभ्यर्थी इस मामले को कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सवाल के सही जवाब के दस्तावेज भी जुटा लिए हैं। अभ्यर्थी आकाश पाठक ने केंद्र सरकार के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसमें नौ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ मनाने के निर्देश दिए गए थे। कार्मिक विभाग केे अवर सचिव ने चार अगस्त 2017 को भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांंठ मनाने के निर्देश सभी विभागों को दिए थे। पत्र भी जारी किया था। आदेश की यह प्रति पीएससी को भेजी जा रही है। उत्तर में कोई विवाद न होने के बावजूद पीएससी ने आंसर शीट से इस प्रश्न को हटा दिया था।
यह है पूरा मामला
पीएससी ने परीक्षा में सवाल पूछा था कि 'भारत छोड़ो आंदोलन कब शुरू हुआ था?' विकल्प मेें पीएससी ने 6, 7, 9 और 10 अगस्त की तिथि दी थी। नौ अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारत जोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ का ट्वीट किया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आठ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ का ट्वीट किया था। पीएससी के प्रश्नपत्र में आठ अगस्त का विकल्प ही नहीं था। विवाद से बचने के लिए पीएससी ने सवाल ही डिलीट घोषित कर दिया। यदि वे नौ अगस्त की तिथि को सही मानते तो पूर्व मुख्यमंत्री सही और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गलत साबित होते।
