फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   PM Modi Strict Action Investigation on Indore Anath Ashram Shri Yougpurush Dham Children Death Case

Indore News: इंदौर में छह बच्चों की मौत पर पीएम मोदी सख्त, कहा- पूरी तहकीकात करें, कौन है दोषी

Sun, 07 Jul 2024 08:03 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sun, 07 Jul 2024 08:03 PM IST
सार

Children Death in Indore Ashram: पीएम नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय जांच दल इंदौर भेजा है जिसने प्रारंभिक रिपोर्ट ले ली है। टीम ने कहा कि इंदौर के सरकारी अधिकारियों को आश्रम में नियमित जांच करनी चाहिए थी।

विज्ञापन
PM Modi Strict Action Investigation on Indore Anath Ashram Shri Yougpurush Dham Children Death Case
पीएम नरेंद्र मोदी ने मांगी मामले की जांच रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर पंचकुइयां रोड स्थित श्री युग पुरुष धाम आश्रम में छह बच्चों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक जांच दल इंदौर भेजा है। जांच टीम की सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता ने कहा कि अब मामला इंदौर का नहीं राज्य और राष्ट्रीय स्तर का हो गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए इसे लेकर पीएम मोदी (PM Modi) हमेशा संवेदनशील रहते हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि इस विषय को लेकर आप पूरी तहकीकात करके आएं। जांच कर मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सबमिट की जाएगी।
विज्ञापन


जांच टीम ने इंदौर के सरकारी अधिकारियों पर सवाल उठाए
शनिवार को टीम ने यहां से दस्तावेज और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क जांच में ली है। साथ ही यहां की जांच में क्या मिला उसके दस्तावेज भी हासिल किए हैं। यह रिपोर्ट पहले पीएमओ को सबमिट होगी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रिपोर्ट मांगी है और उनकी ओर से पीएमओ को रिपोर्ट जानी है। पीएमओ से रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। डॉ. गुप्ता ने इंदौर के सरकारी अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नियमित रूप से आश्रम जाकर जांच करना थी। इस बात को भी संज्ञान में लेना चाहिए। इस केस में हर पहलू पर बात करना होगी।राष्ट्रीय बाल आयोग की सदस्य डॉक्टर दिव्या गुप्ता ने रविवार को यह बताया कि आश्रम में जितने भी बच्चे थे किसी का भी वैक्सीनेशन रिकॉर्ड नहीं मिला है। जांच में आश्रम के अधिकांश बच्चों के पेट में कीड़े पाए गए। यह खराब पानी के वजह से हुआ है। इसके चलते कुछ बच्चों में हैजा और कुछ में एनीमिया भी मिला। डॉक्टर दिव्या गुप्ता ने कहा कि आश्रम के पानी की टंकी, किचन, स्टोर सभी जगह गंदगी पाई गई थी। यहां तक की आश्रम के फ्रिज में भी गंदगी पाई गई थी। उन्होंने कहा की आश्रम में लापरवाही और अनियमितताएं पाई गई है। अधिकारियों ने भी निरीक्षण नहीं किया जिसके कारण ऐसी स्थिति बनी।
विज्ञापन


क्या है मामला?
इंदौर के श्री युग पुरुष धाम आश्रम में कई बच्चे एक साथ बीमार हुए। इनमें से छह बच्चों की मौत हो चुकी है। जांच रिपोर्ट में हैजे की बात सामने आई है। आश्रम में बच्चों को पीने के लिए गंदा पानी दिया जा रहा था और भोजन भी बहुत कम मिल रहा था। यह आश्रम युग पुरुष स्वामी परमानंद गिरी महाराज की प्रेरणा से तुलसी शादीजा ने 2002 में यहां परमानंद हॉस्पिटल शुरू किया। नजदीकी लोगों के मुताबिक कुछ साल पहले यह जमीन किसी महिला ने दान में दी थी। इसके बाद परमानंद गिरी महाराज द्वारा यहां हॉस्पिटल खोलने के लिए जिम्मेदारी दी गई। परिसर में लगे पोस्टर में अध्यक्ष पवन ठाकुर और संचालक जीडी नागर का फोटो है। जीडी नागर का कहना है कि सेहत ठीक नहीं होने से मैंने डेढ़ साल पहले से ही हॉस्पिटल जाना बंद कर दिया है। अभी ‘युग पुरुष’ संस्था की अध्यक्ष अनिता शर्मा और सचिव तुलसी शादीजा है। शादीजा और उनके परिवार के लोग अस्पताल का संचालन करते है। घटना को लेकर ‘युग पुरुष’ के सचिव तुलसी शादीजा का कहना है कि मुझे कोई जानकारी नहीं है। बेहतर है कि आप अध्यक्ष अनीता शर्मा से बात करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


200 से अधिक बच्चे, अधिकतर अनाथ
यहां पर 200 से अधिक बच्चे वर्तमान में रह रहे थे। इनमें से अधिकांश बच्चे अनाथ हैं और मानसिक दिव्यांग हैं या उन्हें अन्य परेशानियां हैं। महिला व बाल विकास अधिकारी रामनिवास बुधौलिया ने कहा कि आश्रम की क्षमता 100 बच्चों को रखने की है। वहीं आश्रम संचालिका अनीता शर्मा का कहना है कि हमारे पास 200 बच्चों को रखने की अनुमति है। आश्रम में संक्रमण फैलने से 80 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हुए और छह बच्चों की जान गई है। रविवार को पहले बच्चे की जान गई थी इसके बाद एक एक करके छह बच्चों की जान चली गई। अभी अस्पताल में 39 बच्चों का इलाज चल रहा है बाकी को डिस्चार्ज कर दिया गया है। डिस्चार्ज होने वाले बच्चों को स्वामी परमानंद के ही अखंड परम धाम नाम के खंडवा रोड स्थित आश्रम में रखा गया है। 

सरकार से मिलता है सवा करोड़ रुपये का दान
आश्रम को सरकारी अनुदान मिलता है। सरकार यहां पर सालाना 60 से 80 लाख रुपए देती है। प्रति बच्चा 3 हजार रुपए प्रति माह के आसपास दिया जाता है। यह राशि संस्थान को अलग-अलग किश्तों में जारी की जाती है। इस वर्ष की राशि करीब 2-3 सप्ताह पहले ही जारी की गई थी। वहीं दूसरे दान और हॉस्पिटल से होने वाली आय को भी जोड़ा जाए तो यह राशि करीब सवा करोड़ के आसपास होती है।


सरकारी अधिकारियों की गलती से हुई ये घटना
रविवार शाम को जांच टीम चाचा नेहरू अस्पताल पहुंची। यहां पर बच्चों से बातचीत के बाद राष्ट्रीय बाल आयोग की सदस्य डॉक्टर दिव्या गुप्ता ने कहा कि आश्रम में जितने भी बच्चे थे, किसी का भी वैक्सीनेशन रिकॉर्ड नहीं मिला है। जांच में आश्रम के अधिकांश बच्चों के पेट में कीड़े पाए गए। यह खराब पानी के वजह से हुआ है। इसके चलते कुछ बच्चों में हैजा और कुछ में एनीमिया भी मिला। डॉक्टर दिव्या गुप्ता ने कहा कि आश्रम के पानी की टंकी, किचन, स्टोर सभी जगह गंदगी पाई गई थी। यहां तक की आश्रम के फ्रीज में भी गंदगी पाई गई थी। उन्होंने कहा कि आश्रम में लापरवाही और अनियमितताएं पाई गई हैं। अधिकारियों ने भी निरीक्षण नहीं किया, जिसके कारण ऐसी स्थिति बनी।

आंकड़ों में जरूरी बातें
  • 2006 में 78 बच्चों के साथ शुरू हुआ था आश्रम
  • 200 से अधिक बच्चे रह रहे थे अभी
  • 80 बच्चे हुए थे बीमार
  • 6 बच्चों की गई जान
  • 1 करोड़ रुपए से अधिक मिलता है दान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed