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Pravasi Bharatiya Divas 2023: मोदी बोले- पूरी दुनिया हमें उत्सुकता से देख रही है, यह जिज्ञासा बढ़ने वाली है
Mon, 09 Jan 2023 01:20 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 09 Jan 2023 01:20 PM IST
सार
प्रवासी भारतीय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया आज भारत को रुचि और उत्सुकता से देख रही है। यह जिज्ञासा और बढ़ने वाली है। प्रवासी भारतीयों के पास अपने देश की अपडेटेड जानकारी होगी, तभी वह इन लोगों की जिज्ञासा को शांत कर सकेंगे।
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले आठ वर्षों में जिस तरह विकास किया है, वह अद्भुत है। पूरी दुनिया के लोग हमें उत्सुकता, रुचि और जिज्ञासा के साथ देख रहे हैं। यह जिज्ञासा और बढ़ने वाली है। इस साल हमारे पास जी20 देशों के समूह की अध्यक्षता है। पूरे देश में 200 से अधिक बैठकें होंगी। यानी 200 से अधिक प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग शहरों में आएंगे। उन्हें यहां आने से पहले बताने की जिम्मेदारी प्रवासी भारतीयों की है कि उन्हें किस तरह का अपनत्व यहां मिलने वाला है।
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मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आगाज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया की व्यवस्था में भारत का महत्व आपकी वजह से बढ़ा है। हमारे यहां कहा जाता है कि स्वदेशों भुवनत्रयम। हमारे लिए पूरा संसार ही स्वदेश है। मनुष्य मात्र ही हमारा बंधु-बांधव है। इसी वैचारिक बुनियाद पर हमारे पूर्वजों ने भारत के सांस्कृतिक विस्तार को आकार दिया था। हम दुनिया के अलग-अलग कोनों में गए। हमने सभ्यता के समागम के महत्व को समझा। हमने सदियों पहले वैश्विक व्यापार की असाधारण परंपरा शुरू की थी। हम असीम लगने वाले समंदर के पार गए। व्यावसायिक संबंध कैसे साझी समृद्धि के रास्ते खोल सकते हैं, यह भारत ने और भारतीयों ने करके दिखाया।
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मेरे लिए तो प्रवासी भारतीय ही भारत के सच्चे राष्ट्रदूत
मोदी ने कहा कि आज जब हम अपने करोड़ों प्रवासी भारतीयों को ग्लोबल मैप पर देखते हैं तो कई तस्वीरें एक साथ उभरती है। उसमें वसुधैव कुटुंबकम के साक्षात दर्शन होते हैं। भारत के अलग-अलग प्रांतों, क्षेत्रों के लोग मिलते हैं तो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का अनुभव होता है। अनुशासित नागरिकों की चर्चा होती है तो मदर ऑफ डेमोक्रेसी होने का भारतीय गौरव अनेक गुना बढ़ जाता है। जब हमारे इन प्रवासी भारतीयों के योगदान का विश्व आकलन करता है तो उसे सशक्त और समर्थ भारत इसकी आवाज सुनाई देती है। इसलिए ही तो मैं आप सभी को सभी प्रवासी भारतीयों को विदेशी धरती पर भारत का राष्ट्रदूत कहता हूं। डिप्लोमेटिक व्यवस्था में राजदूत होते हैं, लेकिन आप राष्ट्रदूत हैं। आप भारत के ब्रांड एम्बेसेडर है। यह भूमिका विविधतापूर्ण है। आप मेक इन इंडिया, योग और आयुर्वेद, कॉटेज इंडस्ट्री और हैंडीक्राफ्ट के ब्रांड एम्बेसडर हैं। आप भारत के मिलेट्स के ब्रांड एम्बेसेडर है। यूनाइटेड नेशंस ने इस साल को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स घोषित किया है। आप यहां से मिलेट्स लेकर जरूर जाइए।
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भारत के बारे में जानिए, युवाओं को बताइए
मोदी ने कहा कि बदलती दुनिया में आपकी भूमिका अहम है। आपको भारत के बारे में और जानना होगा। पूरा विश्व इंतजार कर रहा है और देख रह है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने विकास में जो गति प्राप्त की है, जो उपलब्धियां प्राप्त की है, वह असाधारण, अभूतपूर्व है। भारत कोविड महामारी के बीच कुछ महीनों में स्वदेशी वैक्सीन बना ली। 220 करोड़ वैक्सीन डोज मुफ्त लगाने का रिकॉर्ड बनाया। वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्था बना। भारत विश्व की सबसे बड़ी पांच अर्थव्यवस्था में शामिल हो रहा है। भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। मेक इन इंडिया का डंका बज रहा है। तेजस फाइटर प्लेन, एयरक्राफ्ट कैरियर और अरिहंत जैसी न्यूक्लियर सबमरीन हमने बनाए हैं तो स्वाभाविक है कि लोगों में रुचि होगी। लोग जानना चाहते हैं कि भारत की स्पीड, स्केल क्या है। भारत का फ्यूचर क्या है? कैशलेस इकोनॉमी की बात होती है, तो दुनिया हैरान है कि रियलटाइम 40% ट्रांजेक्शन भारत में होते हैं। स्पेस के फ्यूचर की बात होती है, तो भारत की चर्चा स्पेस टेक्नोलॉजी के मोस्ट एडवांस देशों में होती है। भारत 100-100 सैटेलाइट एक साथ लॉन्च कर रहा है। सॉफ्टवेयर और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमारी ताकत दुनिया देख रही है। आप इसका बहुत बड़ा जरिया है।
जिज्ञासा शांत करना आपकी जिम्मेदारी
मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत के प्रति जिज्ञासा और बढ़ने वाली है। विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। आपके पास भारत के बारे में जितनी व्यापक जानकारी होगी, उतना ही आप भारत के बढ़ते सामर्थ्य के बारे में बता पाएंगे। तथ्यों के आधार पर बता पाएंगे। इस वर्ष भारत जी-20 देशों के समूहों की अध्यक्षता कर रहा है। भारत इस जिम्मेदारी को बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है। यह हमारे लिए दुनिया को भारत के बारे में बताने का अवसर है। जी20 को डिप्लोमेटिक नहीं बल्कि जनभागीदारी का आयोजन बनाना है। दुनिया के देश अतिथि देवो भव का दर्शन करेंगे। आप उन्हें यहां आने से पहले बता सकते हैं कि उन्हें भारत में किस तरह के अपनत्व का अनुभव होगा। जी20 समिट में 200 बैठकें होंगी। अलग-अलग शहरों में प्रतिनिधिमंडल जाएंगे। प्रवासी भारतीय उन्हें स्वदेश लौटने पर घर बुलाए। उनके अनुभव सुने। उनके साथ हमारे बंधन को और मजबूत करने का अवसर बन जाएगा।
भारत के पास स्किल कैपिटल बनने का अवसर
मोदी ने कहा कि आज भारत के पास नॉलेज सेंटर बनने के साथ स्किल कैपिटल बनने का अवसर है। हमारे युवाओं के पास स्किल भी है, वैल्यूज भी है और काम करने के लिए जरूरी जज्बा और इमानदारी भी है। भारत की यह स्किल कैपिटल दुनिया के विकास का इंजिन बन सकती है। भारत में उपस्थित युवाओं के साथ-साथ प्रवासी युवा भी है। नई पीढ़ी के युवा, जो विदेश में जन्मे हैं, वहीं पले-बढ़े हैं, हम उन्हें भी भारत को जानने-समझने के अवसर दे रहे हैं। भारत को लेकर उनका उत्साह बढ़ रहा है। वे माता-पिता के देश को जानना चाहते हैं। जड़ों से जुड़ना चाहते हैं। हमयुवाओं को न केवल देश के बारे में बताए बल्कि भारत दिखाए भी। यह युवा फ्यूचर वर्ल्ड को भारत के बारे में ज्यादा प्रभावी ढंग से बता पाएंगे। जितनी युवाओं में जिज्ञासा बढ़ेगी, भारत में पर्यटन, रिसर्च और गौरव बढ़ेगा। यह युवा भारत के विभिन्न पर्वों के दौरान, प्रसिद्ध मेलों के दौरान आ सकते हैं।
भारतीयों को डॉक्युमेंट करना होगा
मोदी ने कहा कि दुनियाभर में सदियों पहले गए भारतीयों की लाइफ, स्ट्रगल, अचीवमेंट्स को डॉक्युमेंट करना चाहिए। बुजुर्गों के पास उस जमाने की मेमोरीज होंगी। यूनिवर्सिटियों के माध्यम से हमारे डायस्पोरा की हिस्ट्री पर डॉक्युमेंटेशन के प्रयास किए जाए। कोई भी राष्ट्र, उस पर निष्ठा रखने वाले के दिल में जीवित रहता है। जब कोई भारत का व्यक्ति विदेश जाता है और वहां कोई भारतीय मिल जाता है तो उसे लगता है कि पूरा भारत मिल गया। आप जहां रहते हैं, भारत को अपने साथ रखते हैं। बीते आठ वर्षों में देश ने अपने डायस्पोरा को ताकत देने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं।
