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Indore : इंदौर में 50वां ग्रीन कॉरिडोर बना, युवक की किडनियां, आंखें और त्वचा डोनेट की गईं
Sat, 10 Jun 2023 10:48 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 10 Jun 2023 10:48 PM IST
सार
इंदौर में अक्टूबर 2015 में पहली बार अंगदान organ donation के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था।
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नवीन कश्यप
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में 50वां ग्रीन कॉरिडोर बना है। इसके तहत परिजन ने एक युवक की ब्रेन डेड के बाद उसकी दोनों किडनियां, आंखें व त्वचा डोनेट की हैं। नवीन पिता अक्षय कश्यप (22) निवासी नंदबाग सात जून को सुपर कॉरिडोर पर हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर में गहरी चोट थी जिस पर उसे एमवाय अस्पताल अस्पताल में एडमिट किया गया था। उसके बाद उसे सीएचएल रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने उसे ब्रेन डेथ घोषित किया। इसके बाद मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी और संदीपन आर्य ने परिवार को अंगदान के लिए राजी किया। इंदौर में अक्टूबर 2015 में पहली बार अंगदान के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। तब रामेश्वर खेड़े के परिवार ने साहस दिखाया और लीवर व किडनी दान की थी। तब तत्कालीन कमिश्नर संजय दुबे, इंदौर आर्गन डोनेशन सोसाइटी और एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लोगों में अंगदान को लेकर जागरूकता फैलाई थी। इसके बाद इस अभियान से लोग जुड़ते गए।
शनिवार को नवीन की एक किडनी सीएचएल अस्पताल में एडमिट मरीज को ट्रांसप्लांट की गई जबकि दूसरी किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट एक अन्य मरीज को ट्रांसप्लांट की। तीन मिनट में यह किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाई गई। उसकी दोनों आंखें व त्वचा भी दूसरों को नया जीवन देगी।
दुर्घटना कैसे हुई पता नहीं
नवीन एक पैकैजिंग कंपनी में काम करता था। घटना वाली रात कंपनी से बाइक से घर लौट रहा था तभी हादसा हो गया। देर रात पुलिस ने फोन पर परिजन को सूचना दी कि सुपर कॉरिडोर पर नवीन दुर्घटना में घायल हो गया है और उसे एमवाय अस्पताल एडमिट किया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई इसका पता नहीं चला है क्योंकि मौके पर सिर्फ नवीन की ही बाइक मिली और वह पास में ही घायल पड़ा था।
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शनिवार को नवीन की एक किडनी सीएचएल अस्पताल में एडमिट मरीज को ट्रांसप्लांट की गई जबकि दूसरी किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट एक अन्य मरीज को ट्रांसप्लांट की। तीन मिनट में यह किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाई गई। उसकी दोनों आंखें व त्वचा भी दूसरों को नया जीवन देगी।
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दुर्घटना कैसे हुई पता नहीं
नवीन एक पैकैजिंग कंपनी में काम करता था। घटना वाली रात कंपनी से बाइक से घर लौट रहा था तभी हादसा हो गया। देर रात पुलिस ने फोन पर परिजन को सूचना दी कि सुपर कॉरिडोर पर नवीन दुर्घटना में घायल हो गया है और उसे एमवाय अस्पताल एडमिट किया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई इसका पता नहीं चला है क्योंकि मौके पर सिर्फ नवीन की ही बाइक मिली और वह पास में ही घायल पड़ा था।
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