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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Order to remove videos defaming MBA Chaiwala Delhi High Court order for YouTubers

Exclusive: एमबीए चायवाला को बदनाम करने वाले वीडियो हटाने के लिए आदेश, दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर्स तो फटकारा

Thu, 31 Aug 2023 10:11 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 31 Aug 2023 10:11 PM IST
सार

MBA chaiwala के खिलाफ बिना किसी आधार के वीडियो बना रहे यूट्यूबर्स को दिल्ली हाईकोर्ट Delhi High Court ने तुरंत वीडियो हटाने का आदेश दिया है। 
 

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Order to remove videos defaming MBA Chaiwala Delhi High Court order for YouTubers
MBA chai wala prafull billore - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

इंदौर से कारोबार शुरू कर दुनियाभर में छाने वाले एमबीए चायवाला MBA Chaiwala के ब्रांड को आखिर दिल्ली हाईकोर्ट Delhi High Court से राहत मिल गई है। यूट्यूब पर एमबीए चायवाला के ब्रांड के खिलाफ कुछ चैनल लगातार वीडियो अपलोड कर रहे थे। वीडियो में कहा जा रहा था कि यह ब्रांड पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। इन वीडियो के वायरल होने के बाद एमबीए चायवाला के फाउंडर प्रफुल्ल बिल्लोरे ने दिल्ली हाईकोर्ट में केस किया और अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया है कि सभी यूट्यूबर तुरंत यह वीडियो हटाएं और आगे से भी इस बात का ध्यान रखें कि बिना किसी आधार के किसी के खिलाफ इस तरह के वीडियो पब्लिश न करें।
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मैं कई दिन मानसिक रूप से परेशान रहा
अमर उजाला से बातचीत में प्रफुल्ल बिल्लोरे ने कहा कि इन सभी वीडियो के आने के बाद मैं कई दिनों तक मानसिक रूप से परेशान रहा। आज हमारी दुनियाभर में सौ से अधिक फ्रेंचाइजी हैं और हम तीन साल में 12 करोड़ से अधिक का टर्नओवर कर चुके हैं। इन बातों की वजह से मुझे बिजनेस में भी कई जगह नुकसान उठाना पड़ा। बिना किसी आधार के कई यूट्यूबर्स ने वीडियो बनाए और यह वायरल होने लगे। हमने सीधे भी कई यूट्यूबर्स को समझाया लेकिन वीडियो वायरल होने के चलते उन्होंने वीडियो नहीं हटाए। अंत में हमें हाईकोर्ट की मदद लेना पड़ी। 
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भविष्य में कई लोगों की मदद करेगा यह आदेश
प्रफुल्ल ने कहा कि यूट्यूब पर बिना किसी आधार के वीडियो बनाकर किसी को बदनाम करना बहुत आसान है। कोर्ट का यह आदेश भविष्य में कई लोगों की मदद करेगा। प्रफुल्ल ने कहा कि समाचार पत्र या न्यूज चैनल किसी भी बात पर दोनों पक्षों से बात करने के बाद खबर छापते हैं लेकिन यूट्यूब पर दूसरे पक्ष से बात किए बगैर ही कई लोग वीडियो बनाकर अपलोड कर देते हैं। वह यह नहीं समझते कि इससे सामने वाले व्यक्ति को कितना नुकसान हो सकता है। 
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